‘पाकिस्तान खतरनाक देश’: बाइडन के बयान से पलटा US, कहा- विश्वास है PAK परमाणु हथियार सुरक्षित रखेगा

अमेरिका ने राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा पाकिस्तान को दुनिया का सबसे खतरनाक देश बताने के बाद उनके बयान पर सफाई दी है। बाइडन ने पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर चिंता जताते हुए यह बात कही थी। अब अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि उसे विश्वास है कि पाकिस्तान परमाणु हथियार सुरक्षित रखेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को कहा कि परमाणु संपत्ति की सुरक्षा करने की पाकिस्तान की क्षमता से वह आश्वस्त है, लेकिन उसके पास बगैर किसी सामंजस्य के ये हथियार हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका ने हमेशा एक सुरक्षित और समृद्ध पाकिस्तान को अमेरिकी हितों के लिए महत्वपूर्ण माना है। पाकिस्तान के साथ अमेरिका की लंबी साझेदारी रही है। हम मजबूत साझेदारी से बंधे हैं।

पटेल ने कहा कि परमाणु संपत्ति की सुरक्षा की पाकिस्तान की काबिलियत पर अमेरिका को भरोसा है। हालांकि, उन्होंने बाइडन की टिप्पणी को लेकर कोई प्रतिक्रिया देने से परहेज किया। पटेल ने कहा कि पाक विदेश मंत्री बीते दिनों वॉशिंगटन में थे और उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। इसके बाद काउंलर डेरेक चोलेट भी कराची और इस्लामाबाद गए थे। हमारे अधिकारी पाक अधिकारियों से निरंतर मिलते रहते हैं।

शाहबाज शरीफ ने बाइडन की टिप्पणी को भ्रामक बताया, अमेरिकी राजदूत को तलब किया था
बाइडन ने गत गुरुवार को डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रचार समिति के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को दुनिया के खतरनाक देशों में से एक बताया था। इसे पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ ने खारिज करते हुए कहा था कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है। इसके बाद पाक सरकार ने अमेरिकी राजदूत को तलब कर आधिकारिक रूप से विरोध जताया था।

इसके बाद शरीफ ने ट्वीट कर कहा था कि पाकिस्तान एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति संपन्न देश है। हमें इस बात का गर्व है कि हमने हमारी परमाणु संपत्ति की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी के दिशानिर्देशों के अनुरूप की है। हम इन सुरक्षा इंतजामों को पूरी गंभीरता से लेते हैं, इसे लेकर किसी को संदेह नहीं करना चाहिए।

तालिबान के समर्थन के कारण बिगड़े थे संबंध
अमेरिका व पाकिस्तान के संबंध अफगानिस्तान में तालिबान के समर्थन के कारण बिगड़ गए थे। पाकिस्तान में बड़ी संख्या जेहादियों व आतंकियों की मौजूदगी से भी अमेरिका उससे खफा था। 2011 में जब अलकायदा का सरगना आतंकी ओसामा बिन लादेन को अमेरिका ने पाकिस्तान में मार गिराया था, रिश्तों में खटास और बढ़ गई थी। कुछ सालों के तनाव के बाद अमेरिका व पाकिस्तान के रिश्ते फिर सामान्य हो गए थे।

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