आमलबाग के चंदरनगर में हरकीरत सिंह की मां कृपाल कौर ने रविवार को पुलिस को सूचना दी कि वह सहेली के साथ खरीदारी करने बाजार गई थीं। जहां टप्पेबाज ने बेटे का दोस्त बनकर सरकारी मदद दिलाने का झांसा दिया और जेवर उतरवाकर भाग निकला।
विभूतिखंड स्थित एचडीएफसी बैंक के अंदर रकम जमा करने गए नीरज से ढाई लाख की टप्पेबाजी हो गई। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया है।
सुशांत गोल्फ सिटी निवासी सत्यनाम कैंट स्थित एसबीआई में रुपये निकालने गए थे। इस दौरान एक युवक ने नोट में रंग लगा होने की बात कही। नोट अलग करवाते समय मौका पाकर 24 हजार रुपये पार कर दिए।
डंडइया बाजार में सब्जी खरीदने गई न्यू रामनगर की रातपति देवी को महिला व युवक ने बातों में उलझाकर कंगन उतरवा लिए। जब तक पीड़िता कुछ समझ पाती तब तक दोनों भाग निकले।
राजधानी में 50 टप्पेबाजों का गिरोह पुलिसकर्मी बन लोगों को लूटने में लगा है। गत दिनाें आलमबाग पुलिस व क्राइम बांच की टीम और चौक पुलिस ने आठ टप्पेबाजों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में इनके गिरोह के बारे में खुलासा हुआ। इसके बाद सक्रिय हुई राजधानी पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शहर में ईरानी गैंग के नाम से 50 से ज्यादा सदस्य सक्रिय हैं। ये छोटी-छोटी टोली बनाकर वारदात को अंजाम देते हैं।
एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार टप्पेबाजों से कुछ इनपुट मिले हैं। इनके आधार पर अन्य सदस्यों की धरपकड़ की तैयारी है। (संवाद)
ईरानियों के घरों में बनाते हैं ठिकाना
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरोह के सदस्य मध्यप्रदेश, मुंबई, शहडोल आदि जिलों से लखनऊ पहुंचते हैं। इसके बाद सीतापुर रोड के महमूदाबाद इलाके में ईरानियों के घरों में पनाह लेते हैं। इसके एवज में इन लोगों को वारदात में मिले माल का कुछ हिस्सा दे देते हैं। गिरोह के सदस्य छोटे-छोटे समूहों में काम करते हैं और ज्यादातर आम आदमी को फंसाते थे। इसमें पहला व्यक्ति बात करता है, दूसरा ध्यान भटकाता है और तीसरा सामान बदलकर या चोरी कर फरार हो जाता था। पीड़ित को जब तक इसकी भनक लगती है, तब तक सभी रफूचक्कर हो जाते हैं।
पुलिस की तरह रखते हैं हुलिया
गिरोह के सदस्य पुलिस की तरह हुलिया रखते हैं। उन्हीं की तरह बाल कटवाते हैं और जरूरत पड़ने पर प्लास्टिक की पिस्टल का इस्तेमाल भी करते हैं। खास बात यह है कि वारदात के दौरान ये मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
जरूर मांगे आईकार्ड
एडीसीपी पश्चिम चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि पुलिस लूट का डर दिखाकर जेवर नहीं उतरवाती। यदि कोई खुद को पुलिस वाला बताते हुए ऐसा करने को कहता है तो उससे आईडी कार्ड दिखाने के लिए कहें। साथ ही डायल 112 या स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
इस तरह बरतें सतर्कता
– एटीएम में किसी से भी मदद न लें, साथ ही किसी को अंदर न आने दें।
– कार से तेल टपकने की बात पर नीचे न उतरें।

