बाइडन प्रशासन में भारतवंशियों का जलवा, अब तक 130 नियुक्तियां, पीएम मोदी ने दी बधाई

अमेरिका भारतीयों की बौद्धिक व प्रशासनिक क्षमताओं का लोहा मानता है। इसीलिए राष्ट्रपति जो बाइडन अब तक अपने प्रशासन के प्रमुख पदों पर 130 भारतवंशियों की नियुक्ति कर चुके हैं। अमेरिकी आबादी में भारतवंशी आबादी मात्र एक फीसदी है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन में उनका प्रतिनिधित्व और दखल अहम है।

यूएस कैपिटल में ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में बाइडन प्रशासन का प्रतिनिधित्व करते हुए राज पंजाबी ने भारतवंशियों को संबोधित करते हुए अहम बातें कहीं। राज पंजाबी व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा और जैव रक्षा के वरिष्ठ निदेशक के रूप में कार्यरत हैं।

इस मौके पर उन्होंने अमेरिकी सरकार में शीर्ष पदों पर नियुक्त भारतीय अमेरिकियों की सूची पढ़ी। पंजाबी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने 130 भारतवंशी अमेरिकियों को अपने प्रशासन में नियुक्त किया है। यह गौरव की बात है।

भारत की आजादी के अमृत महोत्सव के ऐतिहासिक अवसर पर 75 भारतीय अमेरिकी संगठनों ने मिलकर यह कार्यक्रम रखा था। इनमें प्रमुख हैं यूएस इंडिया रिलेशनशिप काउंसिल, सेवा इंटरनेशनल, एकल विद्यालय फाउंडेशन, हिंदू स्वयंसेवक संघ, जीओपीआईओ सिलिकॉन वैली, यूएस इंडिया फ्रेंडशिप काउंसिल, सनातन संस्कृति के लिए सरदार पटेल कोष। बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम का विषय ‘ स्ट्रांगर टुगेदर यूएस-इंडिया पार्टनरशिप‘ था। कार्यक्रम में राज पंजाबी ने कहा कि मुझे ऐसे प्रशासन का हिस्सा होने पर गर्व है जो विविधता के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति बाइडन ने इस वर्ष भारत के स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा था कि करीब 40 लाख भारतीय अमेरिकियों सहित दुनिया भर के लोगों ने 15 अगस्त को भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाई। अमेरिका भारत के लोगों के साथ उनकी लोकतांत्रिक यात्रा का सम्मान करने के लिए इसमें शामिल हुआ। महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा का संदेश स्थाई है। भारत-अमेरिका की भागीदारी कानून के शासन और मानवीय स्वतंत्रता और गरिमा को बढ़ावा देने के लिए हमारी साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

इस मौके पर एशियाई अमेरिकियों, मूलनिवासी हवाई और प्रशांत द्वीप वासियों के मामलों पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग के सदस्य अजय जैन भूटोरिया ने कहा कि पिछले कई वर्षों में भारत-अमेरिका संबंध गहरे हुए हैं। प्रवासी भारतीय अमेरिकियों द्वारा तैयार सूची के अनुसार 40 से अधिक भारतवंशी अमेरिकियों को देश में विभिन्न कार्यालयों के लिए चुना गया है। अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा में अभी चार भारतवंशी -डॉ अमी बेरा, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति और प्रमिला जयपाल हैं। इनमें चार मेयर भी शामिल हैं।

गूगल के भारतीय-अमेरिकी सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला के नेतृत्व में दो दर्जन से अधिक भारतवंशी अमेरिकी कंपनियों के प्रमुख हैं। अन्य लोगों में एडोब के शांतनु नारायण, जनरल एटॉमिक्स के विवेक लाल, डेलॉइट के पुनीत रेनजेन और फेडेक्स के राज सुब्रमण्यम शामिल हैं।

प्रवासी भारतीय देश के प्रशंसनीय राजदूत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी कैपिटल में ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ मनाने के लिए भारतीय अमेरिकी समुदाय को बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा प्रवासी भारतीय देश के प्रशंसनीय भारतीय राजदूत हैं। भारतीय अमेरिकी समुदाय को एक संदेश में उन्होंने कहा कि प्रवासी समुदाय ने भारतीय मूल्यों को जीकर उनकी सुगंध फैलाई है। हमारे डायस्पोरा के सदस्य हमेशा हमारे देश के लिए प्रशंसनीय राजदूत रहे हैं। उन्होंने सभी संस्कृतियों का सम्मान करते हुए अपने अद्वितीय योगदान से समाज को समृद्ध बनाकर भारतीय मूल्यों का प्रसार किया है।

शेफाली राजदान नीदरलैंड्स में अमेरिकी राजदूत नियुक्त
इस बीच, अमेरिकी सीनेट ने भारतवंशी अमेरिकी शेफाली राजदान दुग्गल को नीदरलैंड्स का राजदूत नियुक्त करने की पुष्टि कर दी। 50 वर्षीय राजनीतिक कार्यकर्ता राजदान दुग्गल की नियुक्ति को अमेरिकी सीनेट ने ध्वनि मत से मंजूरी दी। कश्मीरी पंडित राजदान दुग्गल का जन्म हरिद्वार में हुआ था। वह दो साल की उम्र में अपने परिवार के साथ पिट्सबर्ग पेंसिल्वेनिया चली गईं  थीं।  इसके बाद वह पांच साल की उम्र में ओहियो के सिनसिनाटी चली गईं, जहां वह पली-बढ़ीं। उन्होंने मियामी विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।

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