बिना सहमति व गलत नंबर अपडेट से स्मार्ट मीटर बदलने से दिखाई दे रहे उपभोक्ता परेशान
अयोध्या।अयोध्या में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग बिना उनकी जानकारी और सहमति के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहा है। इतना ही नहीं, मीटर बदलने के बाद न तो कोई आधिकारिक दस्तावेज दिया जा रहा है और न ही उपभोक्ताओं को इसकी सूचना दी जा रही है, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि कई मामलों में तीन से चार महीने तक बिजली बिल नहीं आया। बाद में जब बिजली काट दी गई, तब उन्हें पता चला कि उनका मीटर पहले ही बदला जा चुका है। हैरानी की बात यह भी सामने आई कि मीटर में दर्ज मोबाइल नंबर भी गलत अपडेट कर दिए गए हैं,जिससे उपभोक्ताओं को बिल या अन्य सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। हनुमानगढ़ी क्षेत्र के एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिना सूचना उसके प्रतिष्ठान का मीटर बदल दिया गया। न तो उससे कोई सहमति ली गई और न ही कोई कागज़ दिया गया। बाद में पता चला कि मीटर में किसी अन्य व्यक्ति का मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया गया है।जब उसने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की, तो जल्दबाजी में नंबर अपडेट किया गया, लेकिन उसमें भी एक अंक गलत दर्ज कर दिया गया।ऐसे मामलों की संख्या हजारों में बताई जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग के कर्मचारी घर के बाहर लगे मीटर को चुपचाप बदलकर चले जाते हैं और किसी प्रकार की सूचना नहीं देते।वहीं, जब इस मामले में अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना है कि सभी मीटर नियमानुसार बदले जा रहे हैं। हालांकि, इस दावे के विपरीत एक वीडियो भी सामने आ रहा है, जिसमें ऊर्जा मंत्री द्वारा लोकसभा में यह कहा गया है कि बिना उपभोक्ता की सहमति के स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे।अब सवाल उठता है कि यदि नियमों का पालन हो रहा है, तो उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी और दस्तावेज क्यों नहीं दिए जा रहे। मामला तूल पकड़ता जा रहा है और प्रशासन के लि उसए चुनौती बनता जा रहा है।

