भारत-ब्रिटेन रिश्तों में इस बदलाव के इच्छुक हैं सुनक

ब्रिटेन के पीएम पद की दौड़ में अग्रणी ऋषि सुनक भारत व ब्रिटेन के संबंधों में दोतरफा विस्तार के इच्छुक हैं। अगले माह होने वाले पीएम के चयन से पहले वे ब्रिटेन के भारतवंशियों के बीच पहुंचे और कहा कि वे दोनों देशों के रिश्तों को और ज्यादा द्विपक्षीय बनाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि ब्रिटेन के विद्यार्थियों और निवेशकों के लिए भी भारत के द्वार आसान हों।

सोमवार शाम उत्तरी लंदन में कंजरवेटिव फ्रेंड्स ऑफ इंडिया (CFIN) संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सुनक ने यह बात कही। उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद अनिवासी भारतीयों से मिश्रित भाषा में अभिवादन करते हुए कहा, ‘नमस्ते, सलाम, केम छो, किद्दा।’ उन्होंने हिंदी में कहा, ‘आप सब मेरे परिवार के हो’।

सुनक ने कहा कि हम जानते हैं कि भारत ब्रिटेन रिश्ते अहम हैं। अनिवासी भारतीयों के संगठन की सह-अध्यक्ष रीना रेंजर के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों के बीच एक सेतु की तरह हैं। हम सभी ब्रिटेन के लिए भारत में अवसर के बारे में जागरूक हैं।  लेकिन, असल में हमें इस रिश्ते को अलग तरह से देखना होगा, क्योंकि ब्रिटेन में हमारे लिए भारत से सीखने को बहुत कुछ है। ब्रिटेन के पूर्व वित्त मंत्री सुनक ने कहा, ‘मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि हमारे विद्यार्थी भी भारत जाएं और वहां जाकर सीखें। इसी तरह हमारी कंपनियां व भारतीय कंपनियां मिलकर काम करें। यह बड़ा बदलाव मैं दोनों देशों के रिश्तों में लाना चाहता हूं।’

उल्लेखनीय है कि आम तौर पर भारतीय विद्यार्थी ब्रिटेन में पढ़ने जाते हैं, सुनक इसे दोतरफा करना चाहते हैं। भारत में कई विश्व स्तरीय शिक्षा संस्थान हैं, जिनमें अध्ययन के लिए कई देशों के छात्र यहां आते हैं।

चीन को लेकर सुनक ने यह कहा
चीन को लेकर ऋषि सुनक ने कहा कि ब्रिटेन को ड्रैगन की बढ़ती आक्रामकता के खिलाफ बचाव में बहुत मजबूत होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चीन और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी हमारी आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़े खतरे हैं। उसका सामना ब्रिटेन लंबे समय से कर रहा है और हमें इसके लिए जिंदा रहने की जरूरत है। सुनक ने साफ शब्दों में कहा कि आपके प्रधानमंत्री के रूप में मैं आपको, आपके परिवार और हमारे देश ब्रिटेन को सुरक्षित रखने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करूंगा, क्योंकि एक कंजरवेटिव प्रधानमंत्री के रूप में मेरा यह पहला कर्तव्य है।

ढोल की थाप व तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी
उत्तरी लंदन के हैरो में धमेचा लोहाना सेंटर में ढोल की थाप और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच पूर्व मंत्री सुनक ने मौजूदा लोगों को संक्षित उद्बोधन दिया। कार्यक्रम में सैकड़ों टोरी सदस्य मौजूद थे, जो उनसे हाथ मिलाने के लिए कतार में खड़े थे। भीड़ में मौजूद बुजुर्गों ने सुनक को आशीर्वाद दिया और उनकी पीठ थपथपाई। आठ साल के बालक तनीश साहू के लिए यह क्षण अविस्मरणीय हो गया, जब सुनक ने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया।

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