मुस्लिम हॉस्टल : सील कमरों में रखीं कॉपी-किताबें, परीक्षा कैसे देंगे छात्र

प्रयागराज मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल के सभी 107 कमरे सील कर दिए गए हैं। छात्रों की कॉपी-किताबें और जरूरत के अन्य सामान इन कमरों में बंद हो गए हैं। स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षाएं शुरू होने जा रहीं हैं। ऐसे में छात्र परेशान हैं कि कमरों से कॉपी-किताबें कैसे निकालेंगे।

छात्रों का कहना है उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्रवाई से सहमे ज्यादातर छात्र हॉस्टल छोड़कर अपने घर चले गए थे। पांच मार्च को अचानक कमरे खाली करने का नोटिस दे दिया गया। हॉस्टल में दूसरे जिलों और राज्यों के छात्र रहते हैं। उनकी कॉपी-किताबें, कंप्यूटर, लैपटॉप, परिचय पत्र और जरूरत के अन्य सामान कमरों ही रखे हैं।

 

हॉस्टल में पूर्वांचल के गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, मऊ, जौनपुर आदि जिलों के छात्र रहते हैं। इसके अलावा सुल्तानपुर, लखनऊ, अमेठी, लद्दाख के छात्र भी हॉस्टल में रहते हैं। सामान के साथ हॉस्टल खाली करने का नोटिस रविवार शाम को जारी किया गया। हॉस्टल में मौजूद कुछ छात्रों ने बताया कि उन्हें तो सूचना मिल गई थी, लेकिन जो छात्र अपने घर लौट गए हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचित नहीं किया गया।
ऐसे में छात्र हॉस्टल नहीं पहुंच सके और हॉस्टल प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से सभी कमरे सील कर दिए। हॉस्टल अब ईद यानी 22 या 23 अप्रैल तक बंद रहेगा। स्नातक तृतीय वर्ष की परीक्षाएं शुरू होने जा रहीं हैं। 22 मई से स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं हैं। सेमेस्टर परीक्षाएं भी शुरू होने जा रहीं हैं। प्रतियोगी परीक्षाएं भी होनी हैं। ऐसे में छात्र सील कमरों से अपनी कॉपी-किताबें, पहचान पत्र, कंप्यूटर, लैपटॉप आदि कैसे निकालेंगे।

हालांकि, इस सवाल का जवाब हॉस्टल प्रशासन के पास भी नहीं है। हॉस्टल अधीक्षक इरफान खान का कहना है कि सामान सहित हॉस्टल खाली करने का नोटिस दिया गया था। जो छात्र नहीं आ सके, उनकी कॉपी-किताबें एवं अन्य सामान कमरों में सुरक्षित रखे हैं। जिन छात्रों की कॉपी किताबें एवं अन्य सामान कमरे में बंद हैं, उनके बारे में हॉस्टल प्रशासन ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

अधीक्षक कार्यालय, मेन गेट भी सील

हॉस्टल अधीक्षक का कार्यालय और हॉस्टल परिसर का मेन गेट भी सील कर दिया गया है। हालांकि, सील हॉस्टल प्रशासन की है, लेकिन अधीक्षक का कहना है कि सील लगने के बाद मामला कानूनी हो गया है और ऐसे में वह भी हॉस्टल में तब तक प्रवेश नहीं कर सके हैं, जब तक कानूनी तौर पर मेन गेट पर लगी सील को हटाया नहीं जाता।

अवैध छात्रों से हो सकती है पूछताछ

हॉस्टल के सूत्रों ने बताया कि हॉस्टल प्रशासन ने 27 अवैध छात्रों की लिस्ट पुलिस प्रशासन को सौंपी है। इनमें से कुछ छात्र सदाकत खान के संपर्क में थे। ऐसे में पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है।

छात्रों ने कहा, सदाकत की बदौलत सभी हुए परेशान

छात्रों का कहना है कि सदाकत खान जो दुस्साहस किया, उसकी वजह से सभी छात्रों को हॉस्टल छोड़ना पड़ा। छात्र नेता अजय यादव का कहना है कि एक व्यक्ति की वजह से पूरे हॉस्टल को बंद कर देना ठीक नहीं है। इस हॉस्टल को गौरवशाली इतिहास रहा है। अजय ने मांग की है कि हॉस्टल के जिन कमरों में वैध छात्र रह रहे थे, उन्हें खोल दिया जाए।

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