यूपी बोर्ड मूल्यांकन में जलपान बजट में हेराफेरी का आरोप, जांच के आदेश

यूपी बोर्ड मूल्यांकन में जलपान बजट में हेराफेरी का आरोप, जांच के आदेश

जौनपुर,02 अप्रैल। यूपी के जौनपुर में यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के दौरान जलपान बजट में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) की शिकायत के बाद जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य कोषाधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
वहीं, माध्यमिक शिक्षा परिषद के अपर सचिव के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. राकेश कुमार ने भी तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इस टीम में एडीआईओएस राजेश कुमार यादव, अभिषेक कुमार सिंह और एक वित्त एवं लेखाधिकारी को शामिल किया गया है। टीम को दो दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीआईओएस ने सभी उपनियंत्रकों से तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें मूल्यांकन कार्य में लगे परीक्षकों की तिथिवार उपस्थिति, जलपान व्यवस्था का तिथिवार विवरण तथा इस पर हुए खर्च की पूरी रिपोर्ट शामिल है।
इस संबंध शिक्षक नेताओं ने 30 मार्च को जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह से मुलाकात कर इस मामले की शिकायत की थी। उनका आरोप है कि मूल्यांकन केंद्रों पर जलपान और शुद्ध पेयजल के नाम पर महज 12 दिनों के भीतर करीब 12 लाख रुपये की हेराफेरी की गई है।
इस संबंध में शुक्रवार को जानकारी लेने पर डीआईओएस डॉ. राकेश कुमार ने स्पष्ट कहा कि शासन के निर्देशों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में जलपान बजट के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने की बात दोहराई है।

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