रिपोर्ट-जनार्दन श्रीवास्तव
पाली -(हरदोई) फर्रुखाबाद जिले के पंचाल घाट भैरव घाट के निकट स्थित नर्मदेश्वर धाम आश्रम के महंत राम भक्त दास गुरु रविवार को पाली नगर में अपने भक्तों के यहां आये। उन्होंने अपने भक्तों को भेंटवार्ता में बताया कि आज से 30 वर्ष पूर्व वह किराने की दुकान चलाते थे। एक दिन वह दुकान पर सुबह पहुंचे तो उन्होंने देखा एक साधु के रूप में महात्मा खड़ा है, तो उससे उन्होंने पूछा साधु हम तुम्हारी क्या सेवा कर सकते हैं ।साधु ने कहा कि हमें मीठा गुड खिला दो गुड़ खिलाने के बाद साधु ने कहा तुम किसकी पूजा करते हो तो मैंने उन्हें बताया कि वह शंकर भोले की पूजा करते हैं तो साधु ने उन्हें शंकर जी के दर्शन करने का उपाय बताया और कहा कि 3 वर्ष रात के समय गंगा जी के अंदर खड़े होकर तपस्या करो तभी तुम्हें भोले शंकर जी के दर्शन प्राप्त होंगे। वैसा ही उन्होंने किया और शंकर जी के दर्शन हुए। वही महंत गुरुजी ने बताया कि वह 5 वर्ष पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर तपस्या की। भोजन के रूप में वह पत्ता खाकर पेट भरते थे। उसी दौरान उन्हें हनुमान जी के सात बार दर्शन हुए। मैंने कई घंटों तक समाधि ली थी। महंत ने बताया कि इसके बाद आश्रम में भीड़ लगने लगी ।यह सब हनुमानजी की विशेष कृपा है। इस समय आश्रम पर 108 रुद्राभिषेक का कार्यक्रम चल रहा है। 14 जनवरी से शुरू किया गया, और 2 मई को रुद्राभिषेक का समापन होगा। उन्होंने अपने भक्तों शुभचिंतकों से अपील करते हुए कहा कि इस समय आश्रम पर रुद्रा अभिषेक चल रही है। जिसमें ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल होकर अपने को गौरवान्वित करें ।रुद्राभिषेक का कोई भी शुल्क नहीं देना है। साथ ही उन्होंने कहा कुछ लोग रामायण की चौपाई पर सवाल कर रहे हैं वे लोग अपनी मानसिकता बदल कर सनातन धर्म की ओर चलें।

