रूस के परमाणु हमले की धमकी पर जापान बोला, ऐसा हुआ तो यह मानवता पर बड़ा आक्रमण

वैश्विक स्तर पर सामरिक स्थितियां जैसे-जैसे बदल रहीं हैं, परमाणु हथियारों का खतरा भी उतना ही बढ़ता जा रहा है। एक तरफ रूस खुले तौर पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की चेतावनी दे रहा है तो खबर है कि चीन भी अपनी परमाणु क्षमता को बढ़ा सकता है। ऐसे में दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। इस बीच जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने रूस पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का बड़ा आरोप लगाया है। किशिदा ने कहा है कि रूस द्वारा परमाणु हथियारों का इस्तेमाल मानवता के लिए बड़ा खतरा है। किशिदा ने कहा, रूस द्वारा परमाणु हथियारों के उपयोग की धमकी देना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की शांति और सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है और यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।

चीन बढ़ा सकता है परमाणु शस्त्रागार 
दूसरी तरफ चीन की ओर से शी जिनपिंग के संभावित तीसरे कार्यकाल के साथ ही परमाणु शस्त्रागार को बढ़ावा देने के संकेत मिले हैं। दरअसल, सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस में पहली बार राष्ट्रपति शी जिनपिंग की रणनीतिक निरोध की एक मजबूत प्रणाली स्थापित करने की टिप्पणी पहली बार सामने आई है। 63 पन्नें की रिपोर्ट में जिनपिंग ने सेना को एक विशेष खंड समर्पित किया है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा और सेना के आधुनिकीकरण पर जोर देते हुए, मानव रहित लड़ाकू क्षमताओं के त्वरित विकास और नेटवर्क सूचना प्रणाली के अनुप्रयोग का भी आह्वान किया है।

परमाणु क्षमता में सुधार करेगा चीन 
विश्लेषकों का कहना है कि जिनपिंग की ओर से मिले संकेतों के बाद यह तो तय है कि अमेरिका के साथ अपनी बढ़ती प्रतिद्वंद्विता के बीच चीन परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करेगा। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्व प्रशिक्षक सोंग झोंगपिंग ने कहा कि बयान का मतलब है कि चीन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए रणनीतिक परमाणु बलों के विकास को मजबूत करेगा। वहीं एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने चीन के परमाणु हथियारों के विस्तार की चेतावनी दी है, नवंबर में पेंटागन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था है कि चीन के पास 2027 तक 700 और 2030 तक कम से कम 1,000 परमाणु हथियार हो सकते हैं।

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