विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर जागरुकता अभियान चलाया गया
नशा एक घातक बीमारी है । वह हमारे शरीर में अनेको ख़राबी पैदा करती है । नशे से हमारी जीवन शैली भी लड़खड़ा जाती है और नशे की क़ीमत भी खाने वाले को भारी चुकानी पड़ती है ।
आज के समय की सबसे बड़ी हानिकारक समस्या कोई है तो
वह तम्बाकू सेवन है । यह स्वास्थ्य के प्रति भी सही नहीं है ।
यह ज्यादातर उत्पात में निरन्तर आदत में रहने आदि जैसे पदार्थ रहते है जिससे खाने वाला इसका शिकार हो जाता है । वह अपनी जीवन लीला को समय से पहले समाप्त कर अगले भव चला जाता है । वह ऐसा नहीं है कि खाने वाले नहीं जानते बल्कि वो इसके नशे में रत हो गए है । वह चाहकर भी इसको नहीं छोड़ पातें है । हम देख सकते है कि जागरूक जहाज में पानी का प्रवेश नहीं होता है । वह जागरूक मन के अंदर भी आवेश का नशे का आदि – आदि परिवेश नहीं होता है । हमारे इस जीवन का विटाट पाठ जागरुकता ही होती है ।हमारा अतः स्थल अगर जागरूक रहे तो नकारात्मकता के घुसने का आदेश नहीं होता है ।नशे में रत मानव को न आँखों को चैन, न दिमाग़ को आराम होता हैं । वह उसे हर समय उसकी मौजूदगी का ठप्पा लगाने की लत यही हो गई है । नशे की आदत को छोड़ कर सही से वर्तमान में जीना जीवन की एक बड़ी कला है । यह हमारे जीवन में समय प्रबंधन का एक अति उत्तम सिलसिला है । हमको गये जो समय को याद कर उसकी अतीत की स्मृतियों में भटकते रहने से बताओ क्या मिलेगा ? हमारा यदि वर्तमान अच्छा होगा तो भविष्य भी अच्छे परिणाम देगा । वह जो वर्तमान के हर पल क्षण का सही उपयोग करता है, उसका वर्तमान तो आनंदप्रद बनता ही है और भविष्य भी अनेकानेक नई निष्पतियों के भंडार भरता है । अतः हमको इस अवसर पर इस नशे की प्रवृति को सही से छोड़ कर अपने जीवन को खुशहाल करना चाहिए । यही हमारे लिए काम्य हैं ।
प्रदीप छाजेड़
( बोंरावड़ )

