शीघ्र ही अवैध रूप से संचालित सौ से अधिक कोचिंग संस्थानों पर शिक्षा विभाग लगायेगा अंकुश

शीघ्र ही अवैध रूप से संचालित सौ से अधिक कोचिंग संस्थानों पर शिक्षा विभाग लगायेगा अंकुश

(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)

अयोध्या।जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में सिर्फ एक दर्जन वैध कोचिंग संस्थान ही पंजीकृत है। जबकि जिले के सभी जगहों पर सैकड़ो कोचिंग संस्थान अवैध रूप से संचालित है। इनमें से कई अवैध रूप से संचालित पाए जाने वाले कोचिंग संस्थानों पर जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा जुर्माना भी लगाया गया लेकिन अभी तक अधिकतर कोचिंग संचालक जो की अवैध रूप से हैं उन्होंने जुर्माने की रकम कार्यालय में नहीं जमा किया है।जिसके लिए इन पर अंकुश लगाने के लिए अब शासन सख्त कदम उठा रही है।अब अवैध रूप से संचालित कोचिंग संस्थानों पर अंकुश लगाने के लिए जिला अधिकारी की अध्यक्षता में समित का गठन किया गया है।इस समिति में जिला अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे अध्यक्ष है।वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर पवन कुमार तिवारी इस समिति के सचिव हैं।उनके अलावा इस समिति में सीएमओ/ अथवा जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ मनोचिकित्सक, जिला कार्यक्रम अधिकारी‌, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी‌, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य के दो सामाजिक विधिवेत्ता(जिनमें से एक महिला हो) राष्ट्रीय टास्क फोर्स हेतु नोडल अधिकारी सदस्य के रूप में नामित किए गए हैं जो अवैध रूप से संचालित कोचिंग संस्थानों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों पर अंकुश लगायेगे। बताते चलें जिले शहर के विभिन्न मुहल्लों, कालोनियो के अलावा विभिन्न तहसीलों ब्लॉकों पर अवैध रूप से संचालित कोचिंग व शिक्षा संस्थानों द्वारा भोले भाले छात्रों तथा उनके अभिभावकों से शिक्षक के नाम पर भारी भरकम रकम वसूली जा रही है जबकि सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जा रहा है। बताते चलें शहर के नियांवा, रिकाबगंज,साहबगंज, हैदरगंज, वजीरगंज, देवकाली, देवकाली बायपास, देवकाली तिराहा,नाका,सिविल लाइन शाहिद प्रमुख चौराहों पर काफी संख्या में अवैध रूप से कोचिंग संस्थान संचालित हैं।वहीं ग्रामीण अंचलों में बीकापुर, तारुन, जाना बाजार हैदरगंज रामपुर बागान मिल्कीपुर गोसाईगंज रुदौली सहित अधिकतर चौराहों व बाजारों में अवैध रूप से कोचिंग संस्थान संचालित है जहां पर शिक्षक के नाम पर दिखावा कर भोले भाले छात्रों व उनके परिजनों से भारी भरकम पैसे वसूल रहे हैं।परंतु इस पर संबंधित विभाग रोक लगाने में असफल दिखाई दे रहा है। अब देखना या है डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति के सदस्य इन अवैध कोचिंग संचालकों पर कब तक रोक लगाते है।

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