श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई

19 फरवरी – श्रीरामचरितमानस,
नमो राघवाय 🙏

कृतजुग त्रेताँ द्वापर
पूजा मख अरु जोग ।
जो गति होइ सो कलि
हरि नाम ते पावहिं लोग ।।
( उत्तरकांड, दो. 102)
राम राम 🙏🙏काकभुसुंडि जी गरुड़ महराज को अपने पूर्व जन्म की कथा सुनाते हुए कहते हैं कि उस समय कलियुग चल रहा था और मेरा जन्म अयोध्या में हुआ था । कलियुग के दोष बताने के बाद काकभुसुंडि जी कलियुग के गुण बताते हुए कहते हैं कि सतयुग, त्रेता व द्वापर में जो गति जीव की पूजा , यज्ञ और योग करने से प्राप्त होती थी वही प्राप्ति कलियुग में भगवान का नाम लेकर पाया जा सकता हैं ।
कलियुग में केवल भगवान के नाम की प्रधानता है । इस युग में भगवान का नाम लेकर आप वही गति पा सकते हैं जो दूसरे युगों में पूजा , यज्ञ व योग के माध्यम से पा सकते थे । अतएव ! राम जपें , राम नाम जपें । अथ ! जय राम , जय राम, जय जय राम 🚩
संकलन तरुण जी लखनऊ

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