30 मई – श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
उमा राम मृदुचित करुनाकर।
बयर भाव सुमिरत मोहि निसिचर
देहिं परम गति अस जियँ जानी ।
अस कृपाल को कहहु भवानी ।।
( लंकाकांड 44/2-3)
राम राम 🙏🙏
लंकायुद्ध हो रहा है, श्री राम जी और रावण की सेनाएँ लड़ रहीं हैं । अंगद को जब यह पता चला कि श्री हनुमान जी अकेले ही लंका के क़िले पर चढ़ गये हैं तब वे भी लंका दुर्ग पर चढ़ गये और दोनों ने रावण के महल को गिरा दिया है, वे निसाचरों को पकड़ते हैं और श्री राम जी के पास फेंक देते हैं, विभीषण उनके नाम बताते हैं और श्री राम जी उन्हें अपने धाम भेजते हैं । शिव जी कहते हैं कि श्री राम जी कोमल हृदय वाले करुणा की खान हैं , वे सोचते हैं कि राक्षस वैर भाव से ही सही मेरा स्मरण तो करते हैं , ऐसा जानकर उन्हें मोक्ष देते हैं । हे भवानी! ऐसा कृपालु भला और कौन है।
श्री राम जी अत्यंत कृपालु व करुणा हृदय वाले हैं, वे भावग्राही हैं, जो भी उनका स्मरण करता है, उसे वे सदगति प्रदान करते हैं । हम आप भी अपनी भक्ति भाव और शरणागति बढ़ाए ताकि श्री सीताराम जी की करुणा कृपा हमारे ऊपर भी बनी रहे, इसके लिये हम सभी को श्री सीताराम नाम का प्रतिपल स्मरण करना पड़ेगा तथा राम नाम सुमिरन भी करना पड़ेगा तो हमें भी सदगति मिल जाएगी । अतएव…..श्री राम जय राम जय जय राम, श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम
🚩🚩🚩 संकलन तरूण जी लखनऊ

