9 जुलाई- श्रीरामचरितमानस की भाव सहित चौपाई
नमो राघवाय 🙏
बरन धर्म नहिं आश्रम चारी ।
श्रुति बिरोध रत सब नर नारी ।।
द्विज श्रुति बेचक भूप प्रजासन ।
कोउ नहिं मान निगम अनुसासन ।।( उत्तरकांड 97/1)
जय सियाराम 🙏काकभुसुंडि जी गरुड़ जी को श्री राम कथा सुनाने के बाद अपने पूर्व जन्म की कथा सुना रहें हैं जब कलियुग था । वे कहते हैं कि कलियुग में न वर्णधर्म रहता है, न चारों आश्रम रहते हैं । ब्राह्मण वेदों का व्यापार करने वाले व राजा प्रजा का शोषण करने वाला होता है । वेद की आज्ञा कोई नहीं मानता है ।
आत्मीय जन!काकभुसुंडि जी ने कलियुग के बारे में जो भी बताया है वह आज चल रहा है। हम इस भौतिक संसार में अपनी आंखों से देख रहे हैं, आज के समय में वेद की आज्ञा का पालन कोई नहीं कर रहा है । परंतु इस कलियुग में आप यदि श्री रामाज्ञा का पालन कर रहे हैं तो आप सबका पालन कर रहें हैं, आप सर्वविधि ठीक रहेंगे। अतः रामाज्ञा का पालन करें और श्री सीताराम नाम का भजन सतत करते रहें…… श्री राम जय राम जय जय राम, सीताराम जय सीताराम जय सियाराम जय जय सियाराम जय रघुनंदन जय सियाराम जानकीवल्लभ राजाराम। सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम सीताराम 🚩🚩🚩

