सरायरासी गाँव मे चल रहे श्रीराम कथा मे अंतिम दिन प्रदेश भर के जुटे बड़े बडे राजनीतिक चेहरे
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।जनपद के सरायरासी गाँव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव पूरे प्रदेश में आस्था और राजनीतिक चर्चाओं का प्रमुख केंद्र बन गया है। 19 मार्च से प्रारंभ हुई यह भव्य रामकथा 27 मार्च को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो रही है, जबकि 28 मार्च को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।कथा के शुभारंभ अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा केशव प्रसाद मौर्य ने पहुंचकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई थी। वहीं कथा के अंतिम दिन पूर्वांचल की राजनीति के दो चर्चित बाहुबली नेताओं बृजभूषण शरण सिंह और धनंजय सिंह के आगमन से पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई। दोनों नेताओं के साथ विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह भी मौजूद रहे। कुछ समय बाद गोंडा के पूर्व कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री ने भी कथा स्थल पहुंचकर रामकथा का श्रवण किया। इस भव्य आयोजन की आयोजक अयोध्या जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह हैं, जबकि उनके प्रतिनिधि एवं पति आलोक सिंह रोहित पूरी व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन लगभग 10 से 15 हजार रामभक्त कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वीआईपी अतिथि भी शामिल हो रहे हैं। कथा की व्यासपीठ पर विराजमान प्रसिद्ध कथावाचक गोविंद दिव्यगिरि जी महाराज द्वारा रामकथा का रसपान कराया जा रहा है। महाराष्ट्र निवासी गोविंद दिव्यगिरि महाराज श्रीराम मंदिर आंदोलन और धार्मिक आयोजनों से जुड़े प्रमुख संतों में माने जाते हैं।आयोजकों का कहना है कि प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामकथा को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की मंशा से यह आयोजन किया गया, जो अब जनआस्था के साथ-साथ राजनीतिक उपस्थिति के कारण भी प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ और प्रमुख नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरायरासी गाँव में इस स्तर का धार्मिक आयोजन पहली बार देखने को मिला है, जिसने पूरे क्षेत्र को राममय बना दिया है।

