रासलीला में दर्शकों की उमड़ी भीड़, मंदिर परिसर मेले में हुआ तब्दील
ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय
लखनऊ। गोण्डा के कटरा- करनैलगंज मार्ग पर बेलसर ब्लॉक के ग्राम खमरौनी स्थित ज्वाला माई मंदिर में चल रहे दस दिवसीय शतचंडी महायज्ञ में पूजन अर्चन वंदन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या नित्य बढ़ती जा रही है। ज्वाला माई का मंदिर में सुबह शाम दो सत्रों में चलने वाले यज्ञ- सत्र में हवन पूजन करने वाले यजमानों के साथ ही दूरदराज गांव देहात से आने वाले श्रद्धालुओं के विशालकाय यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते समय देवी की महिमा में लग रहे जय कारे एवं वैदिक विद्वानों के गूंज रहे मंत्र और यज्ञ- मण्डप से उठ रहे पवित्र धूम्र सुगंध से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। यज्ञ परिसर में रात दिन चलने वाले अखंड राम नाम संकीर्तन करने वाले साधु संतों की समधुर ध्वनि मीलों से श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में आमंत्रित कर रहे हैं । साधु संतों के भजन प्रवचन में सैकड़ों ग्रामीण आनन्द उठा रहे हैं।
यज्ञ व्यवस्थापक गुजरात के सूरत स्थित सिद्ध मनोकामना हनुमान मंदिर पीठ के पीठाधीश्वर व महामंडलेश्वर स्वामी रामसेवक दास उर्फ त्यागी बापू ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सार्वजनिक भंडारे की व्यवस्था की है। स्वामी जी के अनुरोध पर सैकड़ों गरीब असहाय निर्धन भक्त यज्ञ परिसर में चल रहे भोजनालय से भोजन व जलपान ग्रहण कर रहे हैं।
उधर लीला परिसर में वृंदावन मथुरा से आए श्री श्यामसुंदर केला देवी रासलीला मंडल के कलाकारों ने रविवार की रात्रि लीला में जालंधर वध का सजीव मंचन कर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया। इस मौके पर यज्ञ के सह संयोजक गुजरात के युवा व्यापारी नेता हनुमंत शरण तिवारी ने दर्शकों का स्वागत करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण का पावन चरित्र हमें जीवन को उत्साह पूर्वक जीने की कला सिखाती है। उन्होंने कोविड-19 में 2 वर्ष सूक्ष्म आयोजन होने के बाद इस महा शतचंडी यज्ञ भव्य रुप से आयोजित होने पर व्यवस्था में सहयोग दे रहे क्षेत्रवासी समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि जनपद के सुदूरवर्ती पसका सूकर खेत उमरी बेगमगंज तरबगंज व करनैलगंज क्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु महायज्ञ में भाग ले रहे हैं।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने के कारण दर्जनों खानपान की दुकानें सजी गई हैं वहीं सुहाग व सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर ग्रामीण महिलाओं का तांता नहीं टूट रहा है। यज्ञ- परिसर में दर्जनों स्वयंसेवकों के साथ इन्द्र बहादुर तिवारी, सत्य प्रकाश उपाध्याय, दुर्गा प्रसाद तिवारी, संतोष पाण्डेय, नीरज दास व दीपक तिवारी आदि समाजसेवी व्यवस्था संभालने में सक्रिय हैं।

