जाम,पार्किंग व्यवस्था,टूटी सड़के,गंदगी जैसी कई समस्याओं से अयोध्या वासी परेशान
(राजेश श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ)
अयोध्या।जाम, पार्किंग समस्या,पानी की पाइव सीवर लाइन जमीन के अंदर डालने के नाम पर अधूरे निर्माण कार्य जैसी प्रमुख समस्या रामनगरी वासियो के लिए बन चुकी है। जिसके चलते इन गंभीर समस्याओं से यहां के लोगों को तो परेशानी हो ही रही है इसके साथ ही साथ राम मंदिर दर्शन पूजन करने आने वाले दूसरे प्रदेश व देश-विदेश के साथ -साथ दुराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसका प्रमुख कारण इस गंभीर समस्या पर अयोध्या नगर निगम लोक निर्माण विभाग जल निगम यातायात विभाग पुलिस विभाग बिजली विभाग सहित अन्य किस्से संबंधित विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी ध्यान नहीं देते नजर आ रहे हैं। बताते चलें जब से राम मंदिर का निर्माण तथा प्राण प्रतिष्ठा हुआ है तब से रामनगरी में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आवागमन बनी रहती है। शहर का कोई ही ऐसी गली, कालोनी या मोहल्ला ही शायद बचा हो जहां पर यह समस्या ना हो।कोतवाली नगर क्षेत्र के कसाबबाडा, रिकाबगंज,हैदरगंज, वजीरगंज, पुरानी सब्जी मंडी जिला महिला चिकित्सालय, गुरु नानक पब्लिक स्कूल, देवकाली बाईपास, नाका बाईपास, रायबरेली बाईपास मार्ग, चौक, फतेहगंज, रिकाबगंज, नियांवा, गुदरी बाजार सहित अन्य प्रमुख मोहल्ले व कॉलोनी है। इसी तरह की गंभीर समस्या अयोध्या धाम पर भी बनी हुई है।अगर दोनों शहरों में जाम की बात करे तो यह जाम सुबह से लेकर देर शाम तक बनी रहती है। सबसे गंभीर स्थिति खासकर नाका, अयोध्या धाम सहित उस समय जाम की उत्पन्न हो जाती है जब राम मंदिर दर्शन के लिए या अन्य किसी कार्यक्रम में किसी विप व्यक्तियों का मूवमेंट रहता है।जिसके चलते स्कूली बच्चे मरीज, बाहर से आने वाले श्रद्धालु व अन्य राहगीर, दो पहिया व चार पहिया वाहन चालक इस जाम में घंटो फंसे रहते है।परंतु इस गंभीर समस्या पर इससे संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी ध्यान नहीं दे रहे है।देखा जाये तो इन चौराहों पर आपको एकाद यातायात के सिपाही मिलेंगे।आधा चौराहा आपको ऐसे मिलेंगे जहां पर ना तो यातायात सिपाही तैनात मिलेंगे और ना ही यातायात ट्रैफिक लाइट से भीड़ को कंट्रोल करते हुए मिलेगी।इस संबंध मे एसपी यातायात अवधेश प्रताप सिंह ने बताया बात कि विभाग में यातायात पुलिस कर्मी पर्याप्त संख्या में है। जो विभिन्न चौराहों पर तैनात रहते हैं।

