कृषि निवेशों सहित योजनाओं के लाभ के लिए फार्मर आईडी हुई अनिवार्य,15 मई तक बढ़ाया गया अभियान

कृषि निवेशों सहित योजनाओं के लाभ के लिए फार्मर आईडी हुई अनिवार्य,15 मई तक बढ़ाया गया अभियान

 

जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा बैठक बुधवार सायं वीसी के माध्यम से एनआईसी कक्ष में सम्पन्न हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 15 मई तक विशेष अभियान चलाकर शीर्ष प्राथमिकता पर शेष किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जाए। इस काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही एवं शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस कार्य में लगे हुए सभी कृषि, राजस्व एवं पंचायत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि यदि कोई भी अधिकारी कर्मचारी अपने कार्य से अनुपस्थित पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया की सभी उप जिलाधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी प्रतिदिन पांच गांव गांवों का भ्रमण करके फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों की मौके पर समीक्षा करते हुए अधिकतम पूर्ति सुनिश्चित करेंगे।

जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों तथा विकास खंड का दैनिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को इस कार्य में लगाए जाने हेतु निर्देशित किया और कहा कि प्रत्येक दशा में शासन की मंशा के अनुरूप 15 मई तक प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी बन जानी चाहिए।

जिले में अब तक 76 प्रतिशत से अधिक किसानों के किसान पहचान पत्र (फार्मर रजिस्ट्री) बन चुकी है। इनकी कुल संख्या 672340 से अधिक है।अभी भी दो लाख सात हजार किसानों की फार्मर आईडी बनाई जानी बाकी है। सभी जन सुविधा केंद्रों, ग्राम पंचायतो में कैंप के माध्यम से तथा किसान द्वारा स्वयं भी अपना किसान पहचान पत्र ऑनलाइन बनवा सकते है।

जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त किसानों से अपील की है कि खरीफ का मौसम जल्दी ही प्रारंभ होने वाला है और सरकार द्वारा खाद खरीदने के लिए किसान पहचान पत्र का होना अनिवार्य कर दिया गया है इसलिए सबसे जरूरी काम किसान भाइयों के लिए इस समय किसान पहचान पत्र बनवाना है। कर्मचारी गांव गांव जाकर किसानों के घर-घर संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री बनवाने का कार्य कर रहे हैं। जिला प्रशासन के इस अभियान में किसानों को स्वयं आगे आकर अपना सहयोग देना चाहिए। किसान अपने मोबाइल, आधार कार्ड और खतौनी लेकर जन सुविधा केंद्र अथवा गांव के कैंप में फार्मर रजिस्ट्री बनवाकर सभी सुविधाओं का लाभ उठाएं । फार्मर रजिस्ट्री के बगैर खाद के अलावा बीज,कृषि रक्षा रसायन, कृषि यंत्र तथा विभिन्न विभागों की लाभार्थी परक योजनाओं से किसान वंचित हो जाएंगे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, अपर जिलाधिकारी भू राजस्व अजय अंबष्ट, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 परमानंद झा, उप निदेशक कृषि, जिला पंचायत राज अधिकारी,समस्त खण्ड विकास अधिकारी, उप परियोजना निदेशक आत्मा एवं अन्य संबंधित उपस्थित रहे।

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जौनपुर 30 अप्रैल 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-03

 

स्व-गणना से संबंधित प्रशिक्षण प्रेक्षागृह में हुआ संपन्न

 

मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में जनगणना से संबंधित विशेष कार्यशाला सम्पन्न हुई, जिसमें संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को स्व गणना से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भारत की जनगणना 2027 से संबंधित समस्त कार्य विशेष रूप से प्रथम चरण में संचालित हो रहे हैं जिसमें सभी विभागीय अधिकारियों को अलग-अलग निर्धारित तिथियो में स्वर गणना स्वयं भी करनी है तथा विभाग से संबंधित समस्त लोगों को भी कराना है।

स्व-गणना की प्रक्रिया 07 मई 2026 से प्रारंभ होकर 21 मई 2026 तक लगातार चलेगा। जनपद स्तर पर अलग-अलग विभागों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं जिसमे उन्हे विशेष अभियान चालाना है। सभी लोग इसमें सहयोग करें और व्यापक प्रचार प्रसार करके अधिकतम जनपद के नागरिकों का स्व गणना में प्रतिभागिता कराये

अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 परमानंद झा ने प्रशिक्षण में आए हुए समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्व गणना बहुत ही महत्वपूर्ण है इस कार्य में पूरी निष्ठा लगकर आप सभी समय से इस कार्य को पूर्ण कराये। स्व गणना करने की प्रक्रिया के बारे में पोर्टल संबंधित प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय के प्रतिनिधि युवराज गर्ग द्वारा दिया गया। सभी को भलीभांति प्रशिक्षित किया गया तथा ओपन सेशन भी रखा गया।

स्वगणना हेतु संबंधित पोर्टल https://se.census.gov.in/ का अधिक से अधिक प्रचार प्रसार किया जाना है और सावधानीपूर्वक उसमें दिए गए सभी प्रश्नों का उत्तर सटीकता से भरा जाना है।

कार्यशाला में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ0 गोरखनाथ पटेल, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ0 अरुण यादव, डीडीओ मीनाक्षी देवी, सांख्यिकीय अन्वेषक युवराज गर्ग, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारी , खंड विकास अधिकारी, डीपीओ, सीडीपीओ तथा जनपद के समस्त जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।

 

 

 

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