एस.के.डी. एकेडमी एवं एस.के.डी. इंटरनेशनल स्कूल की सभी शाखाओं में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा

एस.के.डी. एकेडमी एवं एस.के.डी. इंटरनेशनल स्कूल की सभी शाखाओं में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा

 

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

 

लखनऊ। बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व एस.के.डी. एकेडमी एवं एस.के.डी. इंटरनेशनल स्कूल की सभी शाखाओं में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर का उद्देश्य भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, अहिंसा एवं सदाचार के संदेशों को विद्यार्थियों तक पहुँचाना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ सभी शाखाओं में विशेष प्रार्थना सभाओं के साथ हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने भगवान बुद्ध के जीवन एवं उनके उपदेशों पर आधारित भाषण प्रस्तुत किए, प्रार्थनाएँ कीं तथा प्रेरणादायक लघु नाटिकाओं का मंचन किया। विद्यालय परिसर शांति, सौहार्द एवं सद्भावना के संदेशों से गूंज उठा, जिससे विद्यार्थियों को इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा मिली।

 

शिक्षकों ने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सत्य, सजगता (माइंडफुलनेस) और सहानुभूति जैसे गुणों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही पोस्टर निर्माण, निबंध लेखन एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिससे विद्यार्थियों की विषय के प्रति समझ और गहरी हो सके।

 

इस अवसर पर एस.के.डी. ग्रुप ऑफ एजुकेशन के निदेशक मनीष सिंह ने अपने संदेश में कहा:

“बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आइए हम भगवान बुद्ध के शांति, अहिंसा और करुणा के संदेश को याद करें और उन्हें अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें। आज के तेज़-तर्रार और तनावपूर्ण समय में उनके धैर्य, समरसता और आत्म-अनुशासन के सिद्धांत हमारे लिए मार्गदर्शक हैं। एस.के.डी. में हम न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता बल्कि छात्रों में मजबूत नैतिक मूल्यों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। बुद्ध जयंती के इस पावन अवसर पर मैं सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।”

 

कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा शांति, सम्मान एवं मानवता के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ किया गया।

 

इस प्रकार के सार्थक आयोजनों के माध्यम से एस.के.डी. एकेडमी एवं एस.के.डी. इंटरनेशनल स्कूल निरंतर विद्यार्थियों के समग्र एवं नैतिक विकास की दिशा में कार्यरत हैं, जिससे वे एक जिम्मेदार एवं संवेदनशील ना

गरिक बन सकें।

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