शासन के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. ने ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक सराहनीय पहल की है।
जिलाधिकारी ने ईंधन संरक्षण की मुहिम को धरातल पर लाने हेतु स्व अनुशासन का परिचय देते हुए अपने काफिले का एस्कॉर्ट हटा दिया गया है। यह निर्णय ईंधन की खपत को सीधे तौर पर कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
साथ ही उन्होंने समस्त विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि सरकारी वाहनों का अनावश्यक उपयोग न किया जाए तथा शासकीय कार्यों में न्यूनतम वाहनों का प्रयोग किया जाए। जिला मुख्यालय, तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर यदि चार वाहन उपलब्ध हों तो आवश्यकता अनुसार एक ही वाहन का उपयोग किया जाए। बैठकों का आयोजन अधिकतम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) माध्यम से किया जाए तथा अनावश्यक बैठकों और क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहनों का प्रयोग न किया जाए।
उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल एवं वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर भी बल दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन भी इस पहल से प्रेरणा लें। उन्होंने जनपदवासियों से ईंधन संरक्षण में सहयोग करते हुए निजी वाहनों की अपेक्षा सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने की अपील की।
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जौनपुर 14 मई, 2026 (सू0वि0) विज्ञप्ति संख्या-02
बेसिक शिक्षा विभाग ने मनाया “स्व-गणना मेगा दिवस”
बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने स्वयं की स्व-गणना कर कर्मचारियों को किया प्रेरित
भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत जनपद में मकान गणना का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 तक सम्पन्न कराया जाएगा। इसके पूर्व जिलाधिकारी के निर्देशन में जनपद में “स्व-गणना अभियान” चलाया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न विभागों के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं।
इसी क्रम में आज 14 मई 2026 को बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा “स्व-गणना मेगा दिवस” मनाया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने अपने कार्यालय में स्वयं स्व-गणना कर किया। साथ ही कार्यालय में कार्यरत समस्त कर्मचारियों की भी स्व-गणना कराते हुए अभियान को गति प्रदान की।
इस दौरान बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने जनपद के सभी जिला समन्वयकों, खंड शिक्षा अधिकारियों, एसआरजी, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, अनुदेशकों एवं शिक्षामित्रों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं स्व-गणना करें तथा आमजन को भी इसके लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं का आधार होती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि “स्व-गणना” के माध्यम से लोग घर बैठे सरल तरीके से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं, जिससे जनगणना प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
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