ब्यूरो चीफ/सत्य प्रकाश उपाध्याय
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जलपुरा गांव में 24 वर्षीय नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। यह मामला केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज में अब भी मौजूद दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ घरेलू प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से सामने लाता है।
दीपिका नागर ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र के कुड़ी खेड़ा गांव की रहने वाली थीं। परिवार और ग्रामीणों के अनुसार वह पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उन्होंने पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त की थी। गांव में उन्हें एक शांत, समझदार और मिलनसार लड़की के रूप में जाना जाता था।
परिजनों का कहना है कि दीपिका को बेहद प्यार और उम्मीदों के साथ पाला गया था। उनकी शादी को लेकर परिवार ने कई सपने देखे थे, लेकिन शादी के लगभग 14 महीने बाद उनकी जिंदगी दर्दनाक तरीके से समाप्त हो गई।
जानकारी के अनुसार दीपिका की शादी करीब डेढ़ साल पहले जलपुरा गांव निवासी ऋतिक से हुई थी। परिवार का दावा है कि शादी बड़े स्तर पर की गई थी और इसमें भारी खर्च भी किया गया था।
हालांकि, आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये की मांग की जाने लगी। मृतका के परिवार के मुताबिक मांग पूरी न होने पर दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
परिजनों का कहना है कि दीपिका कई बार फोन पर रोते हुए अपने साथ हो रहे व्यवहार के बारे में बताती थीं। बावजूद इसके, उन्होंने रिश्तों और सामाजिक दबाव के कारण खुलकर विरोध नहीं किया।
17 मई की रात दीपिका की मौत की खबर सामने आई। पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है और आशंका जताई गई कि वह दहेज उत्पीड़न से परेशान थीं।
वहीं, परिवार इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रहा है। परिजनों का आरोप है कि दीपिका की हत्या की गई और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। परिवार ने यह भी दावा किया कि दीपिका के शरीर पर चोट के निशान मौजूद थे।
मृतका के परिजनों का कहना है कि घटना के बाद ससुराल पक्ष दीपिका को अस्पताल में छोड़कर वहां से फरार हो गया। जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तब तक दीपिका की मौत हो चुकी थी।
इस घटना के बाद गांव और अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों में गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि एक शिक्षित और समझदार लड़की के साथ इस तरह की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है।
पुलिस जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना ईकोटेक-3 पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर दहेज हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति ऋतिक और ससुर मनोज को गिरफ्तार कर लिया है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मोबाइल कॉल डिटेल और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दीपिका की मौत आत्महत्या थी या हत्या।
दीपिका नागर की मौत केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। शिक्षा और आधुनिकता के बावजूद दहेज जैसी कुप्रथाएं अब भी कई महिलाओं की जिंदगी छीन रही हैं।
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को सामने लाती है कि आखिर कब तक बेटियों की जिंदगी दहेज की मांग और घरेलू प्रताड़ना की भेंट चढ़ती रहेगी|

