होमटेल, लखनऊ में सजेगा बिहार के देसी स्वाद और संस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव

होमटेल, लखनऊ में सजेगा बिहार के देसी स्वाद और संस्कृति का सबसे बड़ा उत्सव

होटल होमटेल में 22 मई से 31 मई तक चलेगा खास बिहारी फूड फेस्टिवल
लिट्टी चोखा, चंपारण मटन और लोक संगीत के साथ मिलेगा बिहार की मिट्टी का असली एहसास

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ।बिहार की देसी रसोई का असली स्वाद, पारंपरिक व्यंजन और लोक संस्कृति की गर्मजोशी अब लखनऊ के लोगों को एक खास अनुभव देने जा रही है। होटल होमटेल 22 मई से 31 मई तक ‘बिहारी फूड फेस्टिवल’ आयोजित करने जा रहा है। यह उत्सव सिर्फ बेहतरीन खान-पान का नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और वहां की बेमिसाल मेहमाननवाजी को करीब से महसूस करने का एक शानदार अवसर होगा।

फेस्टिवल में मेहमानों को बिहार की पारंपरिक रसोई से जुड़े कई खास जायके मिलेंगे। पेय पदार्थों में सत्तू का शरबत, बेल का शरबत और देसी मट्ठा शामिल रहेगा। वहीं स्नैक्स में चना दाल टिक्की, लाल साग पकोड़ा, घुगनी चाट, तरुआ और दाल पिठा जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे। शाकाहारी मुख्य व्यंजनों में प्रमुख आकर्षण ‘लिट्टी चोखा’ रहेगा, जिसे चूल्हे के धुएं वाले असली देसी स्वाद के साथ तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सेम की तरकारी, कटहल का कोफ्ता, सरसों वाली भिंडी और कढ़ी बड़ी जैसे व्यंजन मेन्यू का हिस्सा होंगे।

मुख्य भोजन में मेहमान भुना भात, तड़के वाली घी पुलाव, पारंपरिक तहरी, मखाना दाल, सत्तू पराठा और मटर हींग पूरी का लुत्फ उठा सकेंगे, जो सीधे गांवों की रसोई का स्वाद याद दिलाएंगे। नॉन-वेज के शौकीनों के लिए ‘चंपारण मटन’ इस उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण होगा, जिसे मिट्टी की हांडी में दम देकर पारंपरिक तरीके से पकाया जाएगा। इसके अलावा भोजपुरी मटन करी, देहाती मुर्गी और लहसुनी चूल्हा बटेर जैसे लजीज व्यंजन खास मसालों और शुद्ध सरसों के तेल में तैयार किए जाएंगे। सीफूड प्रेमियों के लिए सरसों वाली मछली और फिश फ्राई का विशेष इंतजाम रहेगा।

मीठे के शौकीनों के लिए बिहार की पहचान कहे जाने वाले ठेकुआ, रस पुआ, मालपुआ रबड़ी और मखाना खीर परोसी जाएगी। खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए धनिया-पुदीना व लहसुन की चटनी, स्वादिष्ट परवल चोखा और मीठा पान भी उपलब्ध रहेगा।

यह फूड फेस्टिवल शेफ रचना प्रसाद की अगुवाई के में होगा, बिहार के गवर्नर समेत होम शेफ ऑफ़ इंडिया एवं शेफ एंड बेकर जैसे प्रतिष्ठित अवार्ड से सम्मानित किया गया है। वह बिहार के पारंपरिक स्वादों को नई पहचान देने वाली एक जानी-मानी पाक कला विशेषज्ञ हैं। पटना की मिट्टी से जुड़ी रचना ने बिहार के गांवों, त्योहारों और घरों में पीढ़ियों से बनते आ रहे व्यंजनों को देश और दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। लिट्टी चोखा, चंपारण मटन, दाल पीठा और ठेकुआ जैसे पारंपरिक स्वादों को उन्होंने आधुनिक अंदाज में पेश करते हुए बिहार की समृद्ध खानपान संस्कृति को नई पहचान दिलाई है। कई फूड फेस्टिवल, पॉप-अप डाइनिंग अनुभव और खास पाक आयोजनों के जरिए वह लोगों को बिहारी खाने की असली खुशबू और स्वाद से जोड़ रही हैं।

जायके के साथ-साथ पूरे होटल को मधुबनी पेंटिंग, मिट्टी के बर्तनों, लालटेन और सुंदर रंगोली से सजाकर बिहार के रंग में रंगा जाएगा। पृष्ठभूमि में गूंजता पारंपरिक लोक संगीत माहौल को और भी जीवंत बनाएगा। लखनऊ के फूड लवर्स के लिए स्वाद और संस्कृति के इस अनूठे संगम को महसूस करने का यह एक बेहतरीन और यादगार मौका है।

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