*भीषण गर्मी एवं लू से बचाव के लिए मेडिकल कॉलेज जौनपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
देश की उपासना संवाददाता प्रवीण अस्थाना
*जौनपुरः* बढ़ते तापमान एवं हीट वेव (लू) के खतरे को देखते हुए उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर द्वारा मरीजों, तीमारदारों एवं आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से अस्पताल परिसर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन प्रधानाचार्य प्रो० आर० बी० कमल के मार्ग दर्शन में जनरल मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डा0 जितेन्द्र कुमार एवं कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डा0 मुदित चैहान द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्य प्रो० आर० बी० कमल के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान थोड़ी-सी सावधानी से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकता है। उन्होंने लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने, धूप में निकलते समय सिर को ढकने तथा हल्के सूती वस्त्र पहनने की सलाह दी। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए तथा बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। प्रधानाचार्य के निर्देश पर कार्यक्रम के दौरान मरीजों एवं उनके तीमारदारों को निःशुल्क ओआरएस वितरित किया गया तथा उन्हें गर्मी से बचाव के सरल एवं प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० ए० ए० जाफरी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान मौसम में स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लोगों को समय रहते सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सकीय सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कालेज जौनपुर में इमरजेंसी सुविधा 24×7 संचालित है। किसी भी मरीज को किसी प्रकार की दिक्कत होने पर वह निःसंकोच आकर इलाज करा सकता है।
मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डा० जितेन्द्र कुमार ने प्रोजेक्टर के माध्यम से हीट वेव एवं हीट स्ट्रोक के लक्षणों, कारणों तथा बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक तेज धूप या अत्यधिक गर्म वातावरण में रहने से शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है, जिससे बेहोशी, दौरे एवं अन्य गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, सिरदर्द, उल्टी, तेज बुखार या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। लू से बचाव के लिए जागरूकता एवं सतर्कता ही सबसे प्रभावी उपाय है।
बाल रोग विभाग के सहायक आचार्य डा० अरविन्द यादव ने बताया कि छोटे बच्चे लू के प्रभाव से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को पर्याप्त पानी एवं अन्य तरल पदार्थ देने, धूप से बचाने तथा किसी भी असामान्य लक्षण पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दी।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मुदित चैहान ने जनसामान्य से अपील की कि वर्तमान भीषण गर्मी एवं लू के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि अनावश्यक रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी, ओआरएस, नींबू पानी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें तथा हल्के रंग के सूती वस्त्र पहनें।
इस अवसर पर डा0 नवीन सिंह, डा0 पूजा पाठक, डा0 अनिल कुमार, डा0 अवधेश गुप्ता, डा0 मिथिलेश गुप्ता, डा0 दीपिका शाव, डा0 जयन्त शर्मा, डा0 सन्दीप सिंह तथा कर्मचारी , मरीज व उनके तीमारदार उपस्थित रहे।

