समेकित जन कल्याण एंव जन जागरूकता अभियान के अन्तर्गत प्राकृतिक खेती कार्यशाला का कार्यक्रम सम्पन्न
(डाक्टर अजय तिवारी जिला संवाददाता)
अयोध्या।केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होन के उपलक्ष पर समेकित जन कल्याण एंव जन जागरूकता अभियान के अन्तर्गत प्राकृतिक खेती कार्यशाला एंव त्वरित मक्का विकास योजना के अन्तर्गत किसान गोष्ठी/प्रदर्शनी का आयोजन आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एंव प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के सभागार में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम में अध्यक्ष गो सेवा आयोग उ०प्र० श्याम बिहारी गुप्ता, विधायक मिल्कीपुर चन्द्रभानु पासवान , कुलपति, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एंव प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज डा० ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष भा०ज०पा० राधेश्यम त्यागी, महानगर अध्यक्ष भा०ज०पा कमलेश श्रीवास्तव, कृष्णा चौधरी राष्ट्रीय सम्पर्क प्रमुख लोक भारती एंव सदस्य कृषि समृद्धि आयोग, डा0 अनिल कुमार यादव, मण्डलीय टास्क फोर्स अधिकारी/ संयुक्त कृषि निदेशक (बाढ़ोन्मुखी) उ०प्र०, डा० पी०के० कनौजिया उप कृषि निदेशक, अयोध्या, डा० सौरभ वर्मा, जिला कृषि अधिकारी अयोध्या, जिला उद्यान अधिकारी, डा० आर०बी० सिंह निदेशक प्रसार, डा० बी०पी० शाही वरिष्ठ वैज्ञानिक विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केन्द्र मसौधा, डा०एस० पी० सिंह, प्राध्यापक, एंव अन्य सहयोगी विभागों यथा-उद्यान, पशुपालन, गन्ना, मत्स्य, आदि विभागों के अधिकारी/कर्मचारीगण तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्राकृतिक खेती के प्रगतिशील किसान तथा जनपद से प्रगतिशील कृषकगण उपस्थित रहे। कार्यशाला एंव गोष्ठी/प्रदर्शनी का शुभारम्भ अध्यक्ष गोसेवा आयोग उ०प्र० एंव अन्य अतिथिगणों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आये हुए जन प्रतिनिधियों एंव अधिकारियों को पुष्प गुच्छ एंव अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया। डा० श्याम बिहारी गुप्ता जी द्वारा बताया गया कि प्राकृतिक खेती कर किसान भाई स्वंय एंव धरती को स्वस्थ रख सकते है जिसके लिये आवश्यक है कि गो संरक्षण किया जाय और गोमूत्र एंव गोबर को बेकार न करें उससे विभिन्न प्राकृतिक खेती हेतु उपयोगी चीजो को बनायें। किसान भाई बायो गैस की स्थापना करें सरकार की तरफ से अनुदान दिये जाने की व्यवस्था है तथा लक्ष्य भी बढ़ाया जा रहा है। डा ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह कुलपति जी द्वारा बताया गया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु विश्वविद्यालय में माडल खेती को विकसित किया गया है और प्राकृतिक खेती में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न उत्पाद जीवामृत, घनजीवामृत, दशपर्णी आदि का लाइव डेमो प्रदर्शनी स्थल पर है किसान भाई देखकर सीखें तथा किसी भी प्रकार की समस्या हेतु विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों/विशेषज्ञों से सम्पर्क स्थापित कर निदान पायें। चन्द्रभानु पासवान विधायक मिल्कीपुर द्वारा किसान भाइयों से अनुरोध किया कि वैज्ञानिकों एंव विशेषज्ञों द्वारा बतायी गयी विधाओं के अनुसार प्राकृतिक खेती को अवश्य अपनायें। राधेश्याम त्यागी द्वारा बताया गया कि हमारे पूर्वज प्राकृतिक खेती करते आये है और अब पुनः प्राकृतिक खेती किये जाने की आवश्यकता है ताकि स्वस्थ एंव खुशहाल जीवन रहें। कृष्णा चौधरी द्वारा प्राकृतिक खेती के बारे में अपने विचार प्रकट किये गये। डा० एस०पी० सिंह प्राध्यापक द्वारा प्राकृतिक खेती के सिद्धान्त एंव विधि में प्रयुक्त सामग्री के बारे में विस्तार से बताया। डा० कामिनी सिंह मोरिंगा लेडी आफ उ०प्र०, श्री बृजेश सिंह हाथरस, राकेश दूबे अयोध्या आदि किसानों द्वारा अपने अपने प्राकृतिक खेती के अनुभवों का साझा किया। जनपद में प्राकृतिक खेती पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 23 प्रगतिशील किसानों को प्रशिस्त पत्र, अंगवस्त्र देकर मा० अध्यक्ष गोसेवा आयोग एंव मा० कुलपति द्वारा सम्मानित किया गया। अन्त में डा० पी०के० कनौजिया ने उपस्थित अधिकारियों / कर्मचारियों / कृषकों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

