अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई के विरोध में वामपंथी दलों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
जौनपुर,18 जून। यूपी के जौनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी नौसेना द्वारा भारतीय नाविकों पर किए गए कथित हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर घटना की निंदा की और केंद्र सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की।
वामपंथी दलों के नेताओं ने कहा कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर यह तीसरा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्रों में स्वतंत्र नौवहन के सिद्धांतों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की भावना के विपरीत कार्य कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अमेरिका अपनी वैश्विक दादागीरी कायम रखने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई कर रहा है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की पारंपरिक स्वतंत्र विदेश नीति कमजोर हुई है और सरकार अमेरिका के प्रति अपेक्षित कड़ा रुख अपनाने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविकों की मौत पर प्रभावी विरोध दर्ज न कर पाना देश की संप्रभुता और आत्मसम्मान के लिए चिंताजनक है।
ज्ञापन में कहा गया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जिससे ऊर्जा कीमतों, उर्वरकों और आवश्यक वस्तुओं की लागत बढ़ रही है। वामपंथी दलों ने मांग की कि भारत सरकार अमेरिकी आक्रामकता के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराए, मृत भारतीय नाविकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाए तथा दोषियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी कूटनीतिक प्रयास करे।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वामपंथी दलों के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे
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