पॉस्को एक्ट पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया 

पॉस्को एक्ट पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया

देश की उपासना ब्यूरो

लखनऊ:सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल, गोयल कैंपस के सभागार में 27जून 2026 को प्रात: 9 बजे से विद्यालय के समस्त शिक्षक वर्ग एवं कर्मचारियों के लिए पॉक्सो (POCSO) जागरूकता प्रदान करने वाली कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।

कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता डॉ. सौम्यता पाण्डेय (सरकार द्वारा प्रमाणित प्रशिक्षक एवं सलाहकार) ने बताया कि POCSO का पूर्ण अर्थ है— “बालकों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012” ।

यह भारत का एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसका उद्देश्य 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक शोषण, उत्पीड़न और अन्य यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना है। यह कानून बच्चों की सुरक्षा, गोपनीयता और न्याय सुनिश्चित करता है तथा अपराध के अनुसार दंड का प्रावधान करता है। उन्होंने कहा कि

पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों के द्वारा सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान, ऑनलाइन सुरक्षा, आत्म-सुरक्षा के उपाय तथा किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना भय के विश्वसनीय व्यक्ति से संवाद करने के महत्व के बारे में समस्त शिक्षक एवं कर्मचारियों को जानकारी दी।

सत्र को संवादात्मक एवं गतिविधि-आधारित बनाया गया, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपने प्रश्नों का समाधान प्राप्त किया। विशेषज्ञ ने इस बात पर विशेष बल दिया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है तथा किसी भी प्रकार की असहज स्थिति में तुरंत सहायता लेना आवश्यक है। इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन श्री महेश अग्रवाल भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि छात्रों को स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण देने के लिए सभी का जागरूक होना आवश्यक है।

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. श्रीमती रीना पाठक ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण विद्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन करते हुए प्रधानाचार्या डॉ. श्रीमती रीना पाठक ने डॉ सौम्यता पाण्डेय का धन्यवाद किया और उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

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