राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में जौनपुर में कांग्रेस का सत्याग्रह, कई नेता रहे नजरबंद
जौनपुर, 22 जुलाई। नई दिल्ली में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को जौनपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह आंदोलन कर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया।
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश सचिव सत्यवीर सिंह ने कहा कि अपने अधिकारों और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज करना लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राकेश मिश्र ‘मंगला गुरु’ तथा जिला उपाध्यक्ष लाल प्रकाश पाल ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इधर, राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध को देखते हुए जिले में पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा। जौनपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह को सुजानगंज स्थित उनके आवास पर पार्टी पदाधिकारियों के साथ नजरबंद रखा गया। वहीं शहर अध्यक्ष आरिफ खान, सभासद शहनवाज मंजूर, संगठन प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा, कांग्रेस नेता रामसिंह बांकुरे, ओमकार यादव तथा मछलीशहर ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मद सैफ को भी पुलिस ने उनके आवास से बाहर नहीं निकलने दिया।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए विरोध दर्ज कराया।

