कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उर्वरक बिक्री केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उर्वरक बिक्री केन्द्रों का किया औचक निरीक्षण

(राजन तिवारी सिटी रिपोर्टर)

अयोध्या।प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को अयोध्या में साधन सहकारी समिति जरही (मया बाजार) एवं निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केन्द्र वर्मा खाद भण्डार, देवगढ़-पूराबाजार का औचक निरीक्षण किया।इस मौके पर उन्होंने किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता, बिक्री व्यवस्था तथा स्टॉक की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ संयुक्त कृषि निदेशक, अयोध्या मंडल एवं जिला कृषि अधिकारी भी उपस्थित रहे।साधन सहकारी समिति जरही के निरीक्षण के दौरान समिति पर 47.385 मीट्रिक टन यूरिया तथा 9.60 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक उपलब्ध पाया गया। मंत्री श्री शाही ने बिक्री रजिस्टर का अवलोकन करते हुए रैंडम आधार पर तीन किसानों से दूरभाष पर संपर्क कर उन्हें उपलब्ध कराए गए उर्वरकों की मात्रा एवं बिक्री मूल्य की जानकारी प्राप्त की।किसानों द्वारा बताई गई जानकारी अभिलेखों से पूर्णतः मेल खाती पाई गई, जिससे समिति की बिक्री व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री शाही ने अपने समक्ष पॉस मशीन के माध्यम से उपस्थित किसान को चार बोरी यूरिया का वितरण भी कराया तथा पारदर्शी एवं डिजिटल बिक्री व्यवस्था की सराहना की।इसके बाद उन्होंने निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केन्द्र वर्मा खाद भण्डार, देवगढ़-पूराबाजार का भी औचक निरीक्षण किया।यहां 6.488 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक उपलब्ध मिला तथा दिनांक 25 जुलाई तक 2.455 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री दर्ज पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक किसान को मंत्री की उपस्थिति में चार बोरी उर्वरक उपलब्ध कराया गया।विक्रेता द्वारा बताया गया कि उनकी पीओएस मशीन पर वर्तमान में फार्मर परचेज हिस्ट्री प्रदर्शित नहीं हो रही है, जिस पर मंत्री ने अवगत कराया कि इस संबंध में भारत सरकार की तकनीकी टीम आवश्यक सुधार कार्य कर रही है।उन्होंने सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी जोत एवं खतौनी के आधार पर प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया एवं पांच बोरी डीएपी फसल की आवश्यकता के अनुरूप ही उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा अनावश्यक टैगिंग न की जाए।उन्होंने जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देशित किया कि जनपद की सभी सहकारी समितियों पर प्रतिदिन उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा की जाए और किसी भी समिति पर यूरिया अथवा डीएपी का स्टॉक शून्य न होने पाए।इस मौके पर जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि 25 जुलाई 2026 की स्थिति में जनपद में सहकारी एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से यूरिया 17,736.284 मीट्रिक टन, डीएपी 4,738.269 मीट्रिक टन, एमओपी 816.378 मीट्रिक टन, एनपीकेएस 6,376.165 मीट्रिक टन तथा एसएसपी 16,685.389 मीट्रिक टन उपलब्ध है।इसके अतिरिक्त 31 जुलाई 2026 तक लगभग 2,300 मीट्रिक टन यूरिया की अतिरिक्त उपलब्धता भी सुनिश्चित हो जाएगी। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को सहकारी क्षेत्र से 293.58 मीट्रिक टन तथा निजी क्षेत्र से 515.858 मीट्रिक टन, कुल 809.438 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री की गई।कृषि मंत्री ने जनपद के सभी किसान भाइयों से अपील की कि वे अपने निकटतम साधन सहकारी समिति अथवा अधिकृत निजी उर्वरक विक्रय केन्द्र से अपनी खतौनी अथवा फार्मर आईडी के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार आवश्यक उर्वरक प्राप्त करें तथा खरीफ फसलों में वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुरूप उनका प्रयोग करें।उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलता है अथवा यूरिया के साथ अन्य गैर-अनुदानित उर्वरकों या सूक्ष्म पोषक तत्वों की जबरन टैगिंग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, अयोध्या के कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर 9554741267 पर दें। शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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