बेटियाँ देश का गौरव हैं : डॉ.अब्दुल कादिर खान प्राचार्य
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति के कर-कमलों द्वारा स्वर्ण पदक से सम्मानित होने के उपरांत मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज, जौनपुर में गुरुवार को दोनों मेधावी छात्राओं का भव्य स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। महाविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दोनों छात्राओं का गर्मजोशी से स्वागत किया।
महाविद्यालय के उर्दू विभाग की छात्रा जीनत कौसर, पुत्री जमशेद अहमद, ने स्नातक परीक्षा में 1900 में 1581 अंक (83.02 प्रतिशत) प्राप्त कर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं अंग्रेजी विभाग की छात्रा अफीफा खातून, पुत्री अयाज अहमद, ने 1900 में 1414 अंक (74.40 प्रतिशत) प्राप्त कर अपने विषय में पूर्वांचल विश्वविद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए दोनों छात्राओं को विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।
महाविद्यालय पहुंचने पर प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने दोनों छात्राओं को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “बेटियाँ देश का गौरव हैं। जीनत कौसर और अफीफा खातून ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प दृढ़ हो तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है। इन दोनों छात्राओं ने न केवल मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज, बल्कि पूरे जनपद जौनपुर और पूर्वांचल का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि महाविद्यालय सदैव विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासित वातावरण एवं बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। आज यह सफलता समस्त शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। भविष्य में भी महाविद्यालय के विद्यार्थी शिक्षा, शोध, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में नई उपलब्धियाँ हासिल कर संस्थान का नाम राष्ट्रीय स्तर तक रोशन करेंगे।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों ने भी दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। दोनों छात्राओं ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं महाविद्यालय के शिक्षकों के सतत मार्गदर्शन को दिया। पूरे महाविद्यालय परिसर में हर्ष, उल्लास और गौरव का वातावरण बना रहा तथा विद्यार्थियों ने दोनों स्वर्ण पदक विजेता छात्राओं की उपलब्धि से प्रेरणा लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन का संकल्प लिया।

