शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाना उल्टे शिक्षिका पर पड़ा भारी,दोषी मिलने पर प्रथम दृष्टया शिक्षिका को बीएसए ने किया निलंबित

शिक्षक पर गंभीर आरोप लगाना उल्टे शिक्षिका पर पड़ा भारी,दोषी मिलने पर प्रथम दृष्टया शिक्षिका को बीएसए ने किया निलंबित

रुदौली/अयोध्या।रुदौली शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय करीमपुर में छात्राओं के माध्यम से शिक्षक पर गंभीर आरोप लगवाकर वीडियो वायरल कराने का मामला जांच में पूरी तरह पलट गया।जिस शिक्षिका ने विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक श्री प्रकाश पाठक सहायक अध्यापक के खिलाफ शिकायत बीएसए कार्यालय पर दर्ज कराई थी।इसकी जांच के लिए बीएसए लालचंद ने तीन सदस्य कमेटी का गठन किया था।वही विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाई गई।जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर बेसिक शिक्षा अधिकारी लालचंद्र ने संबंधित शिक्षिका कोमल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर ब्लॉक संसाधन केंद्र पूरा बाजार से संबंध कर दिया।साथ ही साथ उन्होंने विभागीय जांच अधिकारी को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट अपने के आदेश दिए हैं। बताते चले यह मामला उसे समय सुर्खियों में आया जब सोशल मीडिया पर जब सोशल मीडिया पर विद्यालय की कुछ छात्राओं का वीडियो वायरल हुआ।वीडियो में सहायक अध्यापक श्री प्रकाश पाठक पर अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए गए थे।मामला तूल पकड़ने पर बीएसए ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे प्रकरण की जांच कराई।जब जांच समिति ने विद्यालय पहुंचकर छात्र-छात्राओं,शिक्षकों,कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए।उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंपी। इस संबंध में बीएसए लालचंद ने कहा कि जांच समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट में सहायक अध्यापक श्री प्रकाश पाठक के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।जबकि शिकायतकर्ता शिक्षिका की भूमिका प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण पाई गई।इसके बाद विभाग ने उनके विरुद्ध निलंबन कर शिक्षिका कोमल को विभागीय जांच पूरी होने तक ब्लॉक संसाधन केंद्र पूरा बाजार संबद्ध किया गया है।
सूत्रों के अनुसार विद्यालय में विज्ञान विषय के दो शिक्षक कार्यरत हैं। विभागीय स्तर पर लागू नई व्यवस्था के तहत शिक्षिका के स्थानांतरण का प्रस्ताव भी चर्चा में रहा। विभागीय जांच में केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। वही सहायक अध्यापक श्री प्रकाश पाठक ने बीएसए द्वारा किए गए कार्यवाही पर संतोष जताते हुए बताया कि “मुझे शुरू से ही विभागीय जांच पर पूरा विश्वास था।मैंने जांच समिति के समक्ष सभी तथ्य रखे थे। निष्पक्ष जांच में सच्चाई सामने आ गई और मेरे ऊपर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।कहा कि वे बीएसए और जांच समिति का निष्पक्ष जांच के लिए आभार व्यक्त करता हूं।”

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