जौनपुर मेडिकल काॅलेज में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया
संवाददाता प्रवीण अस्थाना
*जौनपुरः* उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर के प्रधानाचार्य प्रो0 (डा0) आर0 बी0 कमल के दिशा निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 (डा0) ए0ए0 जाफरी के मार्गदर्शन में तम्बाकू निषेध, नोडल अधिकारी डा0 अनिल कुमार एवं साइकेट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 विनोद वर्मा के द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’’ रही, जिसके माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक एवं विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए *प्रधानाचार्य प्रो0 (डा0) आर0 बी0 कमल* ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य एक स्वस्थ, जागरूक एवं नशामुक्त समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि नशा एक धीमा जहर है। चाहे वह तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, खैनी, शराब अथवा अन्य किसी मादक पदार्थ के रूप में हो, यह व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि सबसे चिंताजनक बात यह है कि नशे का दुष्प्रभाव केवल सेवन करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, मित्रों और पूरे समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें,तथा परिवार, मित्रों और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
*कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह* ने अपने संबोधन में कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान केवल एक स्वास्थ्य अभियान नहीं, बल्कि एक सशक्त, स्वस्थ और जागरूक राष्ट्र के निर्माण का जन-आंदोलन है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का जो संकल्प लिया गया है, उसे साकार करने के लिए स्वस्थ, शिक्षित, जागरूक और नशामुक्त नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दे।
*चिकित्सा अधीक्षक डा0 विनोद कुमार* ने नशा मुक्ति के संबंध में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की लत से अनेक शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने तथा किसी भी प्रकार की नशे की समस्या होने पर समय रहते चिकित्सक से परामर्श एवं उपचार लेने की अपील की। और यह भी बताया कि मेडिकल कालेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग एवं साइकेट्री विभाग में आकर चिकित्सक का परामर्श ले सकते है।
*मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डा0 विनोद वर्मा* ने अपने संबोधन में कहा कि नशे की लत केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन एवं सामाजिक संबंधों को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के नियमित सेवन से तनाव, चिंता, अवसाद, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, स्मरण शक्ति में कमी तथा व्यवहार संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। समय रहते उचित परामर्श एवं उपचार प्राप्त कर नशे की लत से छुटकारा पाया जा सकता है।
*नोडल टोबैको सेसेशन सेंटर डा0 अनिल कुमार* ने अपने संबोधन में बताया कि नशे का सेवन केवल फेफड़ों, हृदय अथवा अन्य आंतरिक अंगों को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका दुष्प्रभाव शरीर के बाहरी अंगों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। जिससे हाथ-पैरों सहित अन्य अंगों की कार्यक्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत धीरे-धीरे व्यक्ति के संपूर्ण शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य को कमजोर कर देती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नशे से दूर रहकर संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए।
मनोचिकित्सा विभाग के सीनियर रेजिडेंट डा0 ज्योति प्रकाश बताया कि नशा एक ऐसी लत है, जिससे छुटकारा पाना संभव है, बशर्ते नशा करने वाला व्यक्ति स्वयं इसे छोड़ने का दृढ़ संकल्प ले। उन्होंने बताया कि उपचार तभी सफल होता है जब मरीज स्वयं सहयोग करे और नियमित रूप से चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार का पालन करे। उन्होंने कहा कि मरीज की इच्छा शक्ति, परिवार का सहयोग तथा चिकित्सकों का मार्गदर्शन मिलकर नशे की लत से मुक्ति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डा0 ले0 क0 सी0बी0एस0 पटेल, आदर्श कुमार यादव, डा0 मुदित चौहान, डा0 अचल सिंह, डा0 चन्द्रभान, डा0 अरविन्द यादव, डा0 अजय यादव, डा0 अवधेश गुप्ता, डा0 आशुतोष सिंह, डा0 बृजेश कन्नौजिया, डा0 पंकज कुमार तथा मरीज एवं उनके तीमारदार उपस्थित रहें।

