एक सवाल
श्रुति जोशी
कपकोट, उत्तराखंड
एक सवाल मेरे मन में जाने कब से है,
कौन हूं मैं, और क्या मेरी पहचान है?
सपनों को जीती एक लड़की हूँ मैं,
या दूसरों के बोझ तले दबी नारी हूँ मैं?
कभी बेटी, कभी पत्नी, कभी माँ बन जाती हूँ,
सबकी चिंता ढोते-ढोते खुद को भूल जाती हूँ,
बताओ, मेरी अपनी कोई पहचान है या नहीं?
आख़िर मैं कौन हूँ, और मेरी जगह कहाँ है?

