(तेहरान)ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी, कहा- युद्ध में अमेरिका की सहायता बंद करो

(तेहरान)ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी, कहा- युद्ध में अमेरिका की सहायता बंद करो

तेहरान,19 अगस्त। ईरान की सशस्त्र बल ने बुधवार को खाड़ी देशों को अमेरिका की सहायता करने के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अमेरिका की सहयता करना अमेरिकी सैन्य अभियानों में शामिल होने के बराबर होगा। अब्दुल्लाही ने एक्स पर लिखा, हम चेतावनी देना चाहते हैं कि हमलावर अमेरिकी सेना को दी गई कोई भी सहायता या सुविधा अमेरिकी सैन्य अभियान में भागीदारी के बराबर है।

अब्दुल्लाही ने कहा, ऐसा प्रतीत नहीं होता कि इतनी बड़ी संख्या में सैन्य विमान, विशेष रूप से ईंधन भरने वाले विमान, मेजबान देशों की जानकारी के बिना क्षेत्रीय ठिकानों पर मौजूद हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी से सटे जिन देशों ने अपने-अपने बयान जारी कर कहा है कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देंगे, उन्हें पता होना चाहिए कि ईरान की नजरों से कोई बच नहीं सकता।

ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन विमानवाहक पोत को मध्य पूर्व में यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेने के लिए फिर से तैनात किया जा रहा है।

पिछले दिनों खबर आई थी कि यूएसएस लिंकन के चालक दल के लिए रहने की स्थिति काफी प्रतिकूल हो गई है।

इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने भी ईरान के साथ सभी व्यापारिक और वित्तीय लेन-देन को निलंबित कर दिया है।

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(इस्लामाबाद)पाकिस्तानी मौलवी का दावा, लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद ने 10,000 आतंकियों को भेजा था जम्मू-कश्मीर

इस्लामाबाद,19 अगस्त। पाकिस्तान के मौलवी नासिर मदनी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को लेकर बड़ा दावा किया है। मदनी के अनुसार हाफिज सईद ने जम्मू-कश्मीर में 10 हजार से अधिक युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए भेजा था। उन्होंने यह बात पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग की ओर से बहावलपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कही।

मदनी का यह बयान पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस 14 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में सामने आया। सभा में उन्होंने जेल में बंद हाफिज सईद की प्रशंसा करते हुए उसके कार्यों को कथित तौर पर ‘बलिदानÓ के रूप में पेश किया। मदनी के भाषण का एक अंश सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया है।

मदनी ने अपने संबोधन में हाफिज सईद का बचाव करते हुए कहा कि उसने कथित तौर पर कश्मीर के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को समर्पित किया। उन्होंने सईद के जेल में होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वह वहां भी पूरी तरह शांत है।

नासिर मदनी हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर दिल का दौरा पड़ने के बाद भी चर्चा में रहे थे। बहावलपुर की सभा में उनके संबोधन के दौरान हाफिज सईद की गतिविधियों का जिस तरह उल्लेख किया गया, उसने पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मदनी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 6 जुलाई 2026 को पहलगाम आतंकी हमले के मामले में हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। एनआईए ने उसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके सक्रिय सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट का प्रमुख तथा संस्थापक बताते हुए आरोपपत्र में नामजद किया है।

एनआईए के अनुसार 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर लक्षित हमला किया था। इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक समेत 26 लोगों की मौत हुई थी। एजेंसी ने हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने से संबंधित आरोप भी लगाए हैं।

हाफिज सईद लंबे समय से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों और आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़े मामलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादों में रहा है। वह पाकिस्तान में आतंकवाद के वित्तपोषण से संबंधित मामलों में जेल की सजा काट रहा है।

भारत सरकार की ओर से हाफिज सईद को आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। उसका नाम भारत के गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम की चौथी अनुसूची में भी दर्ज है।

नासिर मदनी के कथित बयान ने पाकिस्तान में सक्रिय उन संगठनों और नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं, जिन पर भारत लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देने और जम्मू-कश्मीर में हिंसा फैलाने के आरोप लगाता रहा है। हाफिज सईद को लेकर मदनी का दावा ऐसे समय सामने आया है, जब पहलगाम हमले की जांच में एनआईए ने पाकिस्तान स्थित आतंकी तंत्र और उसकी कथित साजिश की पड़ताल तेज कर रखी है।

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(इस्लामाबाद)पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल में अपनी बहन से मुलाकात की

इस्लामाबाद,19 अगस्त। पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 9 महीने बाद अपने परिवार से रावलपिंडी की अडियाला जेल में मिलने की अनुमति दी गई। इमरान और उनकी बहन नोरीन नियाजी की मुलाकात जेल के कॉन्फ्रेंस रूम में हुई, जहां उन्होंने इमरान के स्वास्थ्य और अन्य मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान, नियाजी ने इमरान को यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनको इलाज के शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल जाने की अनुमति दी है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के संस्थापक इमरान से मुलाकात के लिए उनकी अन्य बहनें अलीमा खानम, डॉ उज़मा खानम और उनके चचेरे भाई कासिम ज़मान भी पहुंचे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, अडियाला रोड पर स्थित एक सुरक्षा चौकी और सड़क चौराहे दहल नाका पर उन्हें रोक दिया गया और जेल जाने से मना कर दिया गया।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सदस्य खालिद यूसुफ चौधरी और शाहिद खट्टक भी फैक्ट्री चेकपॉइंट पर मौजूद थे, जहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था।

इमरान की पत्नी बुशरा बीबी ने भी मंगलवार को जेल के एक कॉन्फ्रेंस रूम में अपने परिवार से मुलाकात की।

यह बैठक करीब 40 मिनट तक चली, जिसमें उनके स्वास्थ्य और कानूनी मामलों पर चर्चा हुई। इस बैठक में उनके बच्चे मूसा, मुबाशारा मानेका और उनकी भाभी मेहरुननिसा भी शामिल थीं।

अलीमा ने कहा कि इमरान को अस्पताल में जांच के लिए भेजने का सुप्रीम कोर्ट का पहले का फैसला पार्टी की 8 महीने की मांगों के बाद आया था।

कई आरोपों का सामना कर रहे इमरान अडियाला जेल में 5 अगस्त, 2023 से बंद हैं। उनको 8 महीने के लिए एकांतवास में भी रखा गया था।

परिवार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इमरान को हर मंगलवार-गुरुवार को अपने परिवार-वकील से मुलाकात की अनुमति दी है।

कोर्ट ने एक मेडिकल बोर्ड बनाने, बेटों से टेलीफोन पर बातचीत करने और 16 सितंबर तक इलाज की मंजूरी दी है।

इमरान की बहनों ने अंतिम बार नवंबर-दिसंबर 2025 में मुलाकात की थी।

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(चेन्नई)तमिलनाडु में सीएम विजय के दो बड़े ऐलान, हेल्थ बीमा कवर 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख, दूध खरीद मूल्य में भी 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी

चेन्नई 19 अगस्त ,(आरएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को राज्य के लोगों और दूध उत्पादकों के लिए दो बड़े फैसलों का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री व्यापक स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सालाना स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने की घोषणा की। इसके साथ ही सरकारी डेयरी कंपनी आविन के लिए दूध खरीद मूल्य 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

स्वास्थ्य बीमा कवर में पांच गुना बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी व्यक्ति के लिए महज सुविधा नहीं, बल्कि उसका मूल अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों की आय और उनके रहने के स्थान की परवाह किए बिना सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से कई नई पहल भी शुरू की जा रही हैं।

दूध उत्पादकों को अब मिलेंगे 41 रुपये प्रति लीटर

मुख्यमंत्री ने सरकारी डेयरी कंपनी आविन की ओर से किसानों से खरीदे जाने वाले दूध की कीमत में भी बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब दूध उत्पादकों को 38 रुपये के बजाय 41 रुपये प्रति लीटर का भुगतान किया जाएगा। इसमें राज्य सरकार की ओर से 3 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि भी शामिल होगी।

विधानसभा में नियम 110 के तहत घोषणा करते हुए सीएम विजय ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद सरकार ने दूध उत्पादकों की आय और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।

3.16 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को फायदा

सरकार के इस फैसले से तमिलनाडु के 3.16 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दूध खरीद मूल्य बढ़ाने से राज्य सरकार पर हर महीने करीब 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा।

डीएमके सरकार पर साधा निशाना

सीएम विजय ने दूध खरीद मूल्य के मुद्दे पर पिछली डीएमके सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने और खरीद मूल्य में वृद्धि करने की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किया।

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(रांची)नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर बड़ी कार्रवाई, 22 परीक्षाएं रद्द; 2628 अफसरों-कर्मियों की नौकरी खत्म होगी

रांची 19 अगस्त ,(आरएनएस)। झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित 22 परीक्षाएं एक साथ रद्द कर दी हैं।

इन फैसलों से 2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा से नियुक्त 342 अधिकारी, 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, 63 एसडीपीओ, 237 महिला पर्यवेक्षिका और जेएसएससी-सीजीएल से नियुक्त 1,932 कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी लोग अलग-अलग विभागों में नौकरी कर रहे थे या इनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए थे।

सरकार ने छह अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित कर दी है, जबकि वर्ष 2014 से लेकर अब तक आयोजित 17 भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने मंगलवार रात 11.45 बजे इससे संबंधित कुल आठ अधिसूचनाएं जारी की हैं। विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचनाओं में बताया गया है कि ये फैसले सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर लिए गए हैं।

सरकार के फैसले के तहत जेएसएससी की विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत आयोजित संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा यानी जेएसएससी-सीजीएल को रद्द कर दिया गया है। इस परीक्षा के माध्यम से 1,932 अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी। इसके अलावा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 और 2025 की नियमित एवं बैकलॉग परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।

सरकार ने विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, पॉलिटेक्निक और महिला पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर तथा मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर की भर्ती से जुड़ी परीक्षाएं भी रद्द कर दी हैं। इसके अलावा सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी, ड्रग इंस्पेक्टर, सहायक वन संरक्षक, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, सहायक लोक अभियोजक और फूड सेफ्टी ऑफिसर से जुड़ी परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं। झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी जेईटी-2024 को भी रद्द कर दिया गया है।

सरकार ने टीडीपीएल से जुड़ी वर्तमान भर्ती परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती. सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी की नियमित और बैकलॉग भर्ती, ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर की बैकलॉग भर्ती, पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर की भर्ती और मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर की भर्ती शामिल हैं।

सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला किया है। इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया टीडीपीएल के अलावा दूसरी एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी। इनमें फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया शामिल है। इन एजेंसियों की विश्वसनीयता और भूमिका की जांच सीआईडी को सौंपी गई है। जांच पूरी होने तक इन भर्तियों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

सरकार ने पुरानी 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने का भी फैसला लिया है। इनमें पांचवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2013, सिविल जज की विभिन्न परीक्षाएं, मृदा संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ, सहायक अभियंता और डेंटल डॉक्टर समेत अन्य परीक्षाएं शामिल हैं।

सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तीन महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं। पहला, परीक्षाओं में कथित अनियमितता और कदाचार से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। दूसरा, जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षा प्रक्रिया और कामकाज पर निगरानी रखने के लिए आंतरिक निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। तीसरा, परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी।

समिति में राज्य के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशकों को भी सदस्य बनाया जाएगा। समिति दोनों आयोगों की परीक्षा प्रणाली और पूरी प्रक्रिया का अध्ययन कर दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

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(कोलकाता)कोलकाता के होटल में भीषण आग : बच्चे समेत 9 लोगों की मौत, छह लोग अस्पताल में भर्ती

कोलकाता 19 अगस्त ,(आरएनएस)। कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके की फ्री स्कूल स्ट्रीट स्थित होटल में मंगलवार-बुधवार की मध्यरात्रि भीषण आग लगने से एक बच्चे समेत नौ लोगों की मौत हो गई। हादसे में छह अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पर दमकल की चार गाड़ियों और आपदा प्रबंधन टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया और आग पर काबू पाया।

अग्निशमन विभाग के मुताबिक, आग रात में करीब दो बजे मिर्जा गालिब स्ट्रीट के पास स्थित होटल में लगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, होटल से सबसे पहले धुआं निकलता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि आग होटल से बाहर निकलने वाले रास्ते के आसपास फैल गई थी। आधी रात के समय आग लगने के कारण होटल में ठहरे कई लोगों को घटना की जानकारी देर से हुई।

धुएं के कारण कई लोग होटल के अंदर फंस गए। दमकलकर्मियों ने राहत अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला। नौ लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों में बांग्लादेशी नागरिक भी थे, जो इलाज के लिए कोलकाता आए हुए थे।

आग लगने की वजह को लेकर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। शुरुआती तौर पर एसी में खराबी या धमाके को आग लगने की संभावित वजह बताया जा रहा है। पुलिस और दमकल विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। न्यू मार्केट थाने की पुलिस भी घटनास्थल पर मौजूद रही और हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

यह हादसा पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में हुई दूसरी बड़ी होटल आग की घटना है। इससे दो दिन पहले, 17 अगस्त को बीरभूम जिले के तारापीठ स्थित होटल विदेशिनी में आग लगने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।

वहीं, 18 अगस्त दोपहर कोलकाता एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम के दूसरे तल पर भी आग लग गई थी। हालांकि दमकलकर्मियों और एयरपोर्ट अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई से उस आग पर समय रहते काबू पा लिया गया था। लगातार हो रही आग की घटनाओं ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन मानकों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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(गांधीनगर)डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के 1090 मामलों में शामिल मास्टरमाइंड असम से गिरफ्तार, चीन से जुड़े थे तार

गांधीनगर 19 अगस्त ,(आरएनएस)। गुजरात की अपराध जांच विभाग ने साइबर क्राइम के एक बेहद चौंकाने वाले और बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सीआईडी ने असम के बारपेटा से रफीकुल आलम (25) नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसे इस गिरोह का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी देशभर में ‘डिजिटल अरेस्टÓ और अन्य साइबर धोखाधड़ी के कुल 1,090 मामलों में शामिल रहा है, जिनमें करीब 1,071.5 करोड़ रुपये का भारी-भरकम हेरफेर हुआ है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह आरोपी सीधे तौर पर चीन में बैठे साइबर अपराधियों के संपर्क में था।

हजारों बैंक खातों में भेजता था पैसा, फिर क्रिप्टो से भेजता था चीन

गुजरात सीआईडी के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जांच में पता चला है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करता था। ‘डिजिटल अरेस्टÓ या साइबर फ्रॉड से जो भी रकम ठगी जाती थी, उसे वह तुरंत छोटी-छोटी राशियों में बांटकर एक घंटे के भीतर देशभर के करीब 1,754 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर देता था। यह सब इसलिए किया जाता था ताकि भारत की वित्तीय निगरानी एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। इसके बाद, इस अवैध पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन में बैठे उसके आकाओं को भेज दिया जाता था।

फोन में मिले 23 क्रिप्टो वॉलेट, ‘चिप सेलरÓ ऐप से करता था ट्रेडिंग

सीआईडी ने आरोपी के मोबाइल फोन और टेक्निकल गैजेट्स की बारीकी से जांच की तो कई चौंकाने वाले राज खुले। आरोपी के फोन में कुल 23 क्रिप्टो वॉलेट मिले हैं, जिनके जरिए 16 करोड़ रुपये का लेनदेन होने के पुख्ता सुराग मिले हैं। इसके साथ ही ‘चिप सेलरÓ ऐप का इस्तेमाल करके क्रिप्टोकरेंसी की गैर-कानूनी ट्रेडिंग का भी पता चला है। आरोपी व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए चीनी अपराधियों के साथ बैंक खातों के स्कैनर, यूजर आईडी, पासवर्ड और अपराध के नए-नए तरीकों का आदान-प्रदान करता था।

भेष बदलकर तीन दिन तक की रेकी, तब हत्थे चढ़ा आरोपी

इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश तब हुआ जब सीआईडी की टीम महाराष्ट्र पुलिस और सुप्रीम कोर्ट के फर्जी पत्रों का इस्तेमाल कर एक बुजुर्ग व्यक्ति को ‘डिजिटल अरेस्टÓ करने के मामले की जांच कर रही थी। तकनीकी विश्लेषण और पीड़ितों के बयानों के आधार पर सीआईडी की एक टीम असम के बारपेटा शहर पहुंची। वहां अधिकारियों ने तीन दिनों तक भेष बदलकर आरोपी के घर की रेकी की और फिर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। सीआईडी के मुताबिक, इसी जांच के दौरान काउंसलिंग के जरिए 10 अन्य लोगों को इस तरह के फ्रॉड का शिकार होने से भी बचाया गया है। गुजरात पुलिस का कहना है कि आरोपी के मोबाइल फोन से कई गेमिंग अकाउंट के लेनदेन भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है।

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(नई दिल्ली)कमर्शियल इवी, सीएनजी और हाइड्रोजन वाहनों की उम्र सीमा 5 साल बढ़ाने की तैयारी, केंद्र ने नियमों में संशोधन का दिया प्रस्ताव

नई दिल्ली 19 अगस्त ,(आरएनएस)। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परमिट प्रणाली के अंतर्गत आने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), हाइड्रोजन ईंधन आधारित वाहनों और प्राकृतिक गैस (सीएनजी) से चलने वाले वाणिज्यिक वाहनों की निर्धारित आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा हाल ही में जारी एक अधिसूचना के अनुसार, यह प्रस्ताव राष्ट्रीय परमिट प्रक्रियाओं को सरल बनाने और डिजिटल प्रक्रियाओं के उपयोग को बढ़ाने के लिए एक मसौदा

संशोधन का हिस्सा है, जिन पर सरकार ने आम जनता, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित किए हैं। इसके लिए 30 दिनों का समय दिया गया है। इन सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम नियमों को राजपत्र (गजट) में प्रकाशित किया जाएगा, जिसके बाद ही वे लागू होंगे।

केंद्रीय मोटर वाहन नियम (सीएमवीआर), 1989 में संशोधन के मसौदे में प्रस्तावित प्रावधान में राष्ट्रीय परमिट प्रक्रियाओं को सरल बनाने और प्रक्रिया को डिजिटल बनाने का भी प्रयास किया गया है।

मुख्य प्रस्ताव नियम 88 में है, जो राष्ट्रीय परमिट प्रणाली के अंतर्गत वाहनों की आयु सीमा निर्धारित करता है। मंत्रालय ने बैटरी से चलने वाले हाइड्रोजन ईंधन आधारित और सीएनजी से चलने वाले वाहनों के लिए इन सीमाओं को 5 साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

यदि इसे अंतिम रूप दे दिया जाता है, तो मौजूदा 12 वर्ष और 15 वर्ष की सीमाएं प्रभावी रूप से क्रमश: 17 और 20 वर्ष हो जाएंगी। यह संशोधन सभी वाणिज्यिक वाहनों के लिए एक समान विस्तार नहीं है। यह विशेष रूप से नियम 88 के अंतर्गत आने वाले वाहनों पर लागू होता है। हालांकि अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संशोधन के बाद इन वाहनों की अधिकतम अनुमत आयु कितनी होगी। साथ ही प्रस्तावित विस्तार सभी वाणिज्यिक वाहनों पर लागू नहीं होगा और यह केवल कुछ वाहनों तक ही सीमित रहेगा।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब सरकार वाणिज्यिक परिवहन में स्वच्छ वाहनों का उपयोग बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

सरकार ने राष्ट्रीय परमिट प्रणाली को भी अधिक डिजिटल और सरल बनाने का प्रस्ताव रखा है। मसौदा नियमों के अनुसार, आवेदक अपनी सुविधा के अनुसार एक बार में अधिकतम पांच वर्ष की अवधि के लिए राष्ट्रीय परमिट प्राधिकरण प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए प्रति वर्ष 16,500 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसे राष्ट्रीय परमिट खाते में जमा करना होगा।

इसके अलावा, राष्ट्रीय परमिट के लिए फॉर्म-46 के माध्यम से आवेदन और फॉर्म-47 के तहत अनुमति प्रदान करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने का प्रस्ताव है। इससे परिवहन क्षेत्र में कागजी कार्यवाही कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

मंत्रालय ने अस्थायी पंजीकरण से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए हैं। यदि किसी वाहन का केवल चेसिस है और उस पर अभी बॉडी नहीं लगी है, तो उसका अस्थायी पंजीकरण जारी होने की तारीख से 6 महीने तक वैध रहेगा।

यदि 6 महीने के बाद भी बॉडी फिटमेंट का कार्य पूरा नहीं हो पाता है या किसी अन्य अनियंत्रित परिस्थितियों के कारण वाहन कार्यशाला में ही रहता है, तो संबंधित पंजीकरण प्राधिकरण इसकी वैधता को हर बार 30 दिनों के लिए बढ़ा सकेगा।

वहीं, ऐसे पूर्ण निर्मित वाहनों के लिए जिन्हें विशेष रूप से अनुकूलित बनाया जा रहा है या किसी अन्य राज्य में पंजीकरण कराया जाना है, उनके लिए अस्थायी पंजीकरण 45 दिनों तक वैध रहेगा।

सरकार ऑटोमोबाइल उद्योग में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को बढ़ावा देने के लिए पात्र ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं को भी ट्रेड सर्टिफिकेट से जुड़े प्रावधानों के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है।

इसके तहत वही निर्माता पात्र होंगे जिन्हें वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) से मान्यता प्राप्त होगी और जो ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए उत्पादों के विकास में अनुसंधान एवं विकास कार्य कर रहे होंगे।

मसौदा नियमों में वाहन संबंधी दस्तावेजों को और अधिक डिजिटल बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके तहत डीलरशिप प्राधिकरण प्रमाणपत्र या वाहन पंजीकरण संख्या दर्ज करते ही आवश्यक जानकारी वाहन पोर्टल से स्वत: प्राप्त हो जाएगी।

संशोधित फॉर्म में डीलरों के लिए जीएसटी पंजीकरण संख्या, पैन, उद्यम आधार और कॉर्पोरेट आइडेंटिफिकेशन नंबर (सीआईएन) जैसी जानकारियां भी शामिल की जाएंगी।

वाहन मालिकों के लिए प्रस्तावित संशोधनों के तहत फॉर्म-20 में आधार से जुड़े मोबाइल नंबर का उल्लेख अनिवार्य किया जा सकता है। इसके अलावा, हायर-परचेज, लीज या हाइपोथेकेशन व्यवस्था से जुड़े दस्तावेजों में संबंधित एग्रीमेंट या लोन अकाउंट नंबर दर्ज करने का भी प्रावधान किया गया है।

सरकार ने फॉर्म-48 में भी बदलाव का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत वाहन के वैध पंजीकरण, बीमा, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी), फिटनेस सर्टिफिके

ट, लंबित चालान और पहले प्राप्त किसी राष्ट्रीय परमिट से जुड़ी जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा।

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