(नईदिल्ली)दिल्ली के सरकारी पॉलिटेक्निकों को डीएसईयू  से अलग करने की मांग, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील

(नईदिल्ली)दिल्ली के सरकारी पॉलिटेक्निकों को डीएसईयू  से अलग करने की मांग, राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील
0-गोफ्टेड का दावा—पाँच वर्षों से कर्मचारियों की सेवा-स्थिति और अधिकारों को लेकर असमंजस; सेवा एवं पेंशन लाभों की सुरक्षा और हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आरएनएस)। दिल्ली सरकार के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसईयू) से अलग कर पुन: डायरेक्टोरेट ऑफ ट्रेनिंग एंड टेक्निकल एजुकेशन (डीटीटीई) तथा बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के अधीन लाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। गजेटेड ऑफिसर फोरम फॉर टेक्निकल एजुकेशन, दिल्ली (गोफ्टेड) ने इस संबंध में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत अंतिम निवेदन भेजकर पूरे मामले में संवैधानिक और प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप की अपील की है। संगठन का कहना है कि पिछले लगभग पाँच वर्षों से राजकीय पॉलिटेक्निकों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा-स्थिति, प्रशासनिक नियंत्रण तथा भविष्य को लेकर गंभीर असमंजस बना हुआ है। संगठन के अनुसार, दिल्ली के राजकीय पॉलिटेक्निक दशकों से डीटीटीई और बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के अधीन संचालित होते रहे हैं। इन संस्थानों का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर तथा निम्न और मध्यम आय वर्ग के विद्यार्थियों को सस्ती और रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना रहा है। गोफ्टेड का कहना है कि डीएसईयू के अधीन आने के बाद इन संस्थानों की प्रशासनिक, शैक्षणिक और सेवा-संबंधी व्यवस्था में व्यापक बदलाव हुए हैं।
संगठन ने कहा कि वह इसे अपना “अंतिम संवैधानिक निवेदन” मानते हुए राष्ट्रपति से पूरे मामले पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगाने और आवश्यक हस्तक्षेप की अपेक्षा कर रहा है। गोफ्टेड का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी राजनीतिक संघर्ष को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि दिल्ली में राजकीय तकनीकी शिक्षा की मूल व्यवस्था, कर्मचारियों की सेवा-सुरक्षा और विद्यार्थियों के हितों को सुनिश्चित करना है।
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