बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जनपद में एक भी आवेदन लंबित न रहे। पात्र किसानों के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक किसानों के बीच, गांव गांव, भीड़ भाड़ वाले बजारों में एलईडी या प्रचार वाहन से कराया जाए जिससे अधिक से अधिक किसान जागरूक हो सकें। साथ ही जनपद में मूली की फसल को बढ़ावा देने तथा किसानों को इसके उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने और जीआई टैग प्राप्त किए जाने हेतु प्रयास करने के निर्देश दिए ।
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, मृदा नमूना एकत्रीकरण सहित कृषि विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में जल संरक्षण दिशा में तेजी से कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद के आठ ब्लॉक क्रिटिकल श्रेणी में हैं, इसलिए जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं तथा किसानों को बाजार की उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, डिप्टी पीडी आत्मा रमेश यादव सहित कृषि विभाग के अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

