अवध विवि में हुई प्लेसमेंट ड्राइव, पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र की ओर से प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। ड्राइव के प्रथम चरण में आयोजित लिखित परीक्षा में बी.वॉक. एवं एमए जनसंचार एवं पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विभाग के समन्वयक प्रो. अनूप कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय समाचार पत्र जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान का कैंपस प्लेसमेंट विद्यार्थियों के लिए अपनी क्षमता को राष्ट्रीय स्तर के मीडिया मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों में रोजगारपरक कौशल के साथ-साथ व्यावहारिक पत्रकारिता की समझ भी विकसित होगी। चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों की हिंदी भाषा पर पकड़, लेखन क्षमता, समसामयिक विषयों की समझ एवं पत्रकारिता संबंधी दक्षता का आकलन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को छह माह का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। प्लेसमेंट संयोजक डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी ने बताया कि विभाग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मीडिया हाउस का प्लेसमेंट ड्राइव विद्यार्थियों के लिए मीडिया उद्योग की अपेक्षाओं को समझने और अपनी योग्यता को परखने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में आत्मविश्वास एवं पूरी गंभीरता के साथ प्रतिभाग करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विभाग के शिक्षक डॉ. आरएन पांडेय, क्षितिज द्विवेदी, एवं विशाल तिवारी उपस्थित रहे।
देश की सबसे बड़ी रामलीला में पहली बार तीन वर्ष के बच्चे करेंगे अभिनय
-अयोध्या से चर्चित फिल्मी कलाकारों की रामलीला का आठवां संस्करण दिल्ली में
-दो माह बाद जनवरी में नौवां संस्करण अयोध्या में किया जाएगा आयोजित
अयोध्या। अयोध्या से चर्चित फिल्मी कलाकारों की रामलीला को देश की सबसे बड़ी रामलीला माना जाता है। इस वर्ष पहली बार दिल्ली में अपना आठवां संस्करण प्रस्तुत करेगी। इस भव्य आयोजन में तीन वर्ष के छोटे बच्चों से लेकर सोलह वर्ष तक के बाल कलाकार सुबह के सत्र में अभिनय करेंगे, जबकि शाम को साठ से अधिक फिल्मी सितारे मंच पर नजर आएंगे। नवां संस्करण दो माह बाद जनवरी में अयोध्या में आयोजित होगा। यह रामलीला कोरोना काल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू हुई थी और अब यह विश्व स्तर पर रामभक्ति का संदेश पहुंचा रही है। दिल्ली में आयोजन 10 से 20 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली स्थित रफी मार्ग पर कांस्टीट्यूशन क्लब के मावलंकर हॉल में होगा। यहां सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तीन से सोलह वर्ष के बच्चे अयोध्या की रामलीला में भाग लेंगे। शाम 7 बजे से 10 बजे तक फिल्मी कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। आयोजन स्थल पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक मेले का भी आयोजन होगा। हॉल की बैठने की क्षमता करीब 600 लोगों की है। 120 फीट लंबी एलईडी टीवी स्क्रीन लगाई जाएगी, ताकि दर्शकों को भव्य दृश्य स्पष्ट रूप से दिखाई दें। माना जा रहा है कि इतनी कम उम्र के बच्चों वाली रामलीला पहली बार हो रही है। इसमें भगवान श्रीराम के बचपन के स्वरूपों को भी विशेष रूप से दिखाया जाएगा। यह आयोजन न केवल कलाकारों के अभिनय से यादगार बनेगा, बल्कि तकनीकी व्यवस्थाओं जैसे विशाल एलईडी स्क्रीन और बहुभाषी प्रसारण से भी नए आयाम स्थापित करेगा। संस्थापक सुभाष मलिक (बॉबी)और शुभम मलिक की अगुवाई में टीम लगातार तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग से शुरू हुई यह रामलीला अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी है। दिल्लीवासियों और देश-विदेश के रामभक्तों के लिए यह सुनहरा अवसर है कि वे मावलंकर हॉल में पहुंचकर या टीवी पर बैठकर इस अद्वितीय रामलीला का आनंद लें। अक्टूबर में दिल्ली और जनवरी में अयोध्या दोनों स्थानों पर रामकथा का मंच सजेगा और करोड़ों दिलों में भक्ति का संचार होगा। प्रभु श्रीराम की भूमिका में गोरखपुर सांसद और भोजपुरी-बॉलीवुड स्टार रवि किशन नजर आएंगे। 19 अक्टूबर को वे पहली बार राम का किरदार निभाएंगे। इससे पहले वे केवट, भगवान परशुराम और भरत की भूमिकाएं अदा कर चुके हैं। लंकापति रावण की भूमिका में अरुण बख्शी होंगे। बिंदु दारा सिंह भगवान शिव के रूप में, पुनीत इस्सर भगवान परशुराम के रूप में, रजा मुराद अहिरावण के रूप में और अवतार गिल मेघनाद के रूप में मंच पर आएंगे। कुल मिलाकर साठ से अधिक फिल्मी सितारे इस रामलीला में अभिनय करेंगे। रिहर्सल दिल्ली और मुंबई के कलाकार कर रहे हैं। अयोध्या में नवां संस्करण 15 जनवरी 2027 से 25 जनवरी 2027 तक होगा। अब तक अयोध्या में सात संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित हो चुके हैं। कोरोना काल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रामलीला को अनुमति दी थी, जो आज संसार की सबसे बड़ी रामलीला बन चुकी है। सुभाष मलिक बताते हैं कि पिछले वर्ष इस प्रस्तुति को 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने अपने घर बैठे देखा। इस वर्ष भी 80 से अधिक सैटेलाइट चौनलों पर 40 भाषाओं में इसका प्रसारण होगा। साठ से अधिक देशों तक रामभक्ति का संदेश पहुंचेगा। देश-विदेश के दर्शक इस भव्य प्रस्तुति का आनंद ले सकेंगे। अयोध्या की रामलीला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि यह बच्चों को रामकथा से जोड़ने का भी माध्यम बन रही है। तीन वर्ष के छोटे बच्चे मंच पर आकर भगवान के बाल स्वरूप को जीवंत करेंगे, जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है। दिल्ली में पहली बार होने वाला यह संस्करण राजधानी के लोगों को अयोध्या की भव्यता का अनुभव कराएगा। मेले के साथ जुड़ी गतिविधियों से पूरा माहौल राममय हो जाएगा।

