(नई दिल्ली)1,338 पंच सम्मेलनों से गांवों में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम को लेकर बढ़ी जागरूकता
5.26 लाख से अधिक पंचायती राज प्रतिनिधियों और कार्मिकों ने लिया हिस्सा, 23 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने पूरे किए निर्धारित सम्मेलन
नई दिल्ली, ,31 अगस्त ,(आरएनएस)। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन और पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं कार्मिकों के व्यापक अभिमुखीकरण के लिए देशभर में आयोजित जिला स्तरीय पंच सम्मेलन अभियान को उल्लेखनीय सफलता मिली है। अब तक देशभर में 1,338 पंच सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें पंचायती राज संस्थाओं के 5.26 लाख से अधिक प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों से जुड़े जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों, उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों से अवगत कराने के लिए पंच सम्मेलन आयोजित करने का अनुरोध किया था। इन सम्मेलनों में मिली व्यापक भागीदारी से अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रियता तथा प्रतिबद्धता सामने आई है।
23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पूरे किए सम्मेलन
अब तक 23 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने निर्धारित पंच सम्मेलन पूरे कर लिए हैं। इनमें आंध्र प्रदेश, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, जम्मू-कश्मीर तथा पुडुचेरी शामिल हैं।
इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने निर्धारित कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर ग्रामीण स्तर पर अधिनियम की जानकारी पहुंचाने का उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कई राज्यों ने अपनाया बहुस्तरीय मॉडल
कई राज्यों ने पंच सम्मेलनों को केवल जिला स्तर तक सीमित न रखते हुए नवाचारपूर्ण और बहुस्तरीय दृष्टिकोण अपनाया। गुजरात, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल ने जिला स्तर के अलावा अन्य प्रशासनिक स्तरों पर भी सम्मेलन आयोजित किए। इससे अधिक संख्या में पंचायती राज पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक अधिनियम की जानकारी पहुंचाने में मदद मिली।
ग्राम पंचायतों को विकास प्रक्रिया के केंद्र में रखने पर जोर
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 ग्रामीण विकास प्रक्रिया में ग्राम पंचायतों की भूमिका को केंद्र में रखता है। इसके तहत ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, कार्यान्वयन, निगरानी, पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
पंच सम्मेलनों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों और कार्मिकों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के साथ विकसित ग्राम पंचायत योजना, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड, परिसंपत्ति निर्माण, योजनाओं का अभिसरण, सामाजिक अंकेक्षण और शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जा रही है।
सहभागी योजना निर्माण को मिल रहा बढ़ावा
सम्मेलनों में व्यापक भागीदारी से यह संकेत मिला है कि ग्राम पंचायतों की भूमिका, सहभागी योजना निर्माण, ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन के प्रति निर्वाचित प्रतिनिधियों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना भी है।
कुल मिलाकर पंच सम्मेलन अभियान देशभर में सकारात्मक प्रगति कर रहा है। राज्यों की सक्रिय भागीदारी और बड़ी संख्या में पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं कार्मिकों की सहभागिता से ग्रामीण विकास, सुशासन, सहभागी योजना निर्माण तथा पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ है।
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