आश्वासन के लेटर पैड में फंसी सड़क, गड्ढों में तब्दील रास्ते पर जलभराव से हाहाकार

आश्वासन के लेटर पैड में फंसी सड़क, गड्ढों में तब्दील रास्ते पर जलभराव से हाहाकार
:-रेलवे ओवरब्रिज ने बढ़ाया ट्रैफिक का दबाव, भवाजितपुर में सड़क बनी ‘मुसीबत का रास्ता’; ग्रामीणों का प्रदर्शन, बोले-अब आश्वासन नहीं, चाहिए काम।
गोण्डा 2 सितम्बर। छपिया विकासखंड मुख्यालय से महज करीब 100 मीटर पूरब भवाजितपुर ग्राम पंचायत में सड़क की बदहाली अब जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार विभागों के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। मसकनवां रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के चलते बदले गए यातायात मार्ग का दबाव इस जर्जर सड़क पर पड़ा तो हालात और भयावह हो गए। सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह पहचानना मुश्किल हो गया है। बारिश के बाद पूरा रास्ता जलभराव और कीचड़ से पट जाता है।
     इस बदहाल रास्ते से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजर रहे हैं। पैदल राहगीरों से लेकर बाइक और अन्य वाहनों के चालकों तक को भारी जोखिम उठाकर आवागमन करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते और आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ गई है।
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ओवरब्रिज निर्माण ने बढ़ाया संकट
मसकनवां बाजार स्थित रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के कारण मुख्य मार्ग से आवागमन बाधित है। अयोध्या-चौरी की ओर से आने वाले वाहन ब्लॉक मुख्यालय छपिया से भवाजितपुर, सोहिला चौराहा होते हुए मसकनवां के पास बने अंडरपास तक पहुंच रहे हैं। इसी रास्ते से बभनान और छपिया की ओर आने-जाने वाले वाहनों का भी दबाव है। नतीजा यह है कि पहले से जर्जर सड़क अब भारी यातायात का बोझ भी झेल रही है।
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‘स्वीकृति’ के दावों के बावजूद सड़क जस की तस
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक और सांसद से कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक सांसद प्रतिनिधि कमलेश पाण्डेय की ओर से सांसद पैड पर ब्लॉक रोड की स्वीकृति की बात भी बताई गई, लेकिन धरातल पर सड़क निर्माण या मरम्मत का काम दिखाई नहीं दे रहा। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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सड़क नहीं बनी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जलभराव और बदहाल सड़क से आजिज ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जिम्मेदारों के खिलाफ नाराजगी जताई और तत्काल सड़क की दशा सुधारने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ कागजी स्वीकृति और मौखिक आश्वासन से समस्या दूर नहीं होगी। सड़क पर काम शुरू होने तक समस्या जस की तस बनी रहेगी।
       प्रदर्शन दौरान विजय कुमार, राम सुबेरे, कर्ता राम, बिफई, रामदीन, दिनेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर जलनिकासी और सड़क निर्माण की ठोस व्यवस्था कराने की मांग की है।
     आखिर कब तक भवाजितपुर के लोग जलभराव, कीचड़ और गड्ढों के बीच आवागमन करने को मजबूर रहेंगे? कागजों पर स्वीकृति की बात है तो जमीन पर सड़क कब उतरेगी।

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