11,350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी, ग्रामीण युवाओं को गांव में मिलेंगे आधुनिक अध्ययन संसाधन

11,350 ग्राम पंचायतों में हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरी, ग्रामीण युवाओं को गांव में मिलेंगे आधुनिक अध्ययन संसाधन
लखनऊ, (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शैक्षिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरियों की स्थापना करा रही है। पंचायती राज विभाग की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों एवं युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास और डिजिटल शिक्षण के लिए गांव में ही आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।योजना के प्रथम चरण में 75 जनपदों में पुस्तकों तथा 72 जनपदों में फर्नीचर की आपूर्ति शत-प्रतिशत पूरी हो चुकी है। अब तक प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में पुस्तकों की उपलब्धता तथा 11,321 ग्राम पंचायतों में आधुनिक फर्नीचर की स्थापना का कार्य पूरा किया जा चुका है। प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर करीब चार लाख रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसमें पुस्तकों के साथ सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े उपकरण और आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था शामिल है।डिजिटल लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 80 हजार से अधिक डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें ई-पुस्तकें, वीडियो व्याख्यान, श्रव्य सामग्री, डिजिटल शिक्षण मॉड्यूल और संवादात्मक प्रश्नोत्तरी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीण विद्यार्थियों को घर के आसपास ही आधुनिक अध्ययन सामग्री और डिजिटल शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।योजना के सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं। मथुरा जनपद की ग्राम पंचायत अडिंग स्थित ‘ज्ञानम् ज्योतिः’ डिजिटल लाइब्रेरी से अध्ययन करने वाले टिटू शर्मा और मनीष यादव का उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक पद पर चयन हुआ है। दोनों युवाओं को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन संसाधनों की उपयोगिता को दर्शाती है।सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी संसाधनों के अभाव में आगे बढ़ने के अवसर से वंचित न रहे। डिजिटल लाइब्रेरी योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। आधुनिक अध्ययन सुविधाओं के साथ ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।पंचायती राज विभाग के अनुसार डिजिटल लाइब्रेरी को केवल पुस्तकों के अध्ययन तक सीमित न रखकर ग्रामीण युवाओं के लिए आधुनिक ज्ञान और डिजिटल संसाधनों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक ग्राम पंचायत में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण और आधुनिक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

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