मीरजापुर के लहुरियादह गांव में रात भर एमपी से भटक कर आए हाथियों के जोड़ा ने मचाया उत्पात, दहशत में ग्रामीण, 

मीरजापुर के लहुरियादह गांव में रात भर एमपी से भटक कर आए हाथियों के जोड़ा ने मचाया उत्पात, दहशत में ग्रामीण,
*मक्का की फसल को रौंदते हुए किया नष्ट, टटिया उजाड़ी
ड्रमंडगंज, मीरजापुर। मध्य-प्रदेश के बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान से चलकर यूपी के ड्रमंडगंज वनरेंज के कटरा जंगल तक पहुंचे हाथियों का जोड़ा पांचवें दिन बुधवार की रात लहुरियादह गांव की यादव बस्ती तक पहुंच गया। रेंजर रविशंकर शर्मा, वनदारोगा सर्वेश्वर पटेल, वनरक्षक सहित वन विभाग की टीम पूरी रात गांव में डटी रही और ग्रामीणों को घर से बाहर नही निकलने की हिदायत दी है।हाथियों ने मक्का की फसल को रौंदते हुए नष्ट कर दिया। हाथियों के पहुंचने पर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गया है। रात आठ बजे के करीब कटरा जंगल से निकलकर हाथियों का जोड़ा लहुरियादह गांव निवासी नचकऊ यादव के मक्का के खेत में पहुंच गया। हाथी और हथिनी ने एक बीघे बोई गई मक्का की फसल को रौंदते हुए नष्ट कर दिया। मक्का की फसल की रखवाली के लिए बनाए गए मचान को तहस नहस करते हुए चारपाई तोड़ दिया। किसान नचकऊ यादव ने बताया कि हाथियों का जोड़ा रात आठ बजे के करीब घर से तीन सौ मीटर दूर खेत पर पहुंचा। हाथियों को देखकर खेत के पास खूटें से बंधी नौ भैसें पगहा तोड़कर जंगलों की ओर भाग निकली, जिसमें आठ भैंस तो वापस लौट आई हैं लेकिन एक भैंस का अभी तक पता नही चल सका। बताया कि मक्का की बोई गई फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। हाथियों के जोड़ा ने ज्ञानवती, रानी यादव, गुलबिया की मक्का की फसल को रौंदते हुए नष्ट कर दिया।रानी यादव ने बताया कि हाथियों के आने से गांव के लोगों ने दहशत के साए में पूरी रात जागकर बिताई। बताया कि मक्का की फसल और टटिया को उजाड़ दिया।बोई गई मक्का की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। ग्रामीण ज्ञानवती, चिंता, लालबहादुर यादव आदि ने बताया कि हाथियों के जोड़ा ने पूरी रात उत्पात मचाया। हाथियों के बस्ती में आने से गांव के लोगो में पूरी रात भय व्याप्त रहा। भोर में हाथी और हथिनी कटरा जंगल की तरफ चले गए संयोग था कि हाथियों के जोड़ा ने घर के बाहर बंधे मवेशियों को नुकसान नही पहुंचाया। रेंजर रविशंकर शर्मा ने बताया कि जंगली हाथियों का जोड़ा छठवें दिन गुरुवार को कटरा जंगल से सटे प्रयागराज जिले के कोरांव वनरेंज के जंगलों की तरफ चला गया। जीपीएस ट्रैकर से हाथी और हथिनी का लगातार लोकेशन पता किया जा रहा है।

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