गोरखपुर मंडल प्रभारी आशुतोष चौधरी : चौरी चौरा तहसील झेत्र में अतिबृष्टि व जल जमाव के चलते फसलें तो पुरी तरह से नष्ट हो गयी है तथा जल जमाव के चलते तमाम मकानें भी ध्वस्त हो चुकी है। गांव के मकानो में पानी लग जाने से लोग महिनों खुले आसमान के नीचे जीवन यापन किये हैं अभी इस महामारी से उबरकर गांव में आकर धीरे धीरे अपना ब्यवस्था ठीक करने लगे हैं। और उन्हें यह लग रहा है कि सरकार फसलों के नुकसान व मकानों के क्षतिग्रस्त होने का आकलन करा रही है और हम लोगों को मुआवजा मिलेगा जिससे कुछ राहत मिलेगी। लेकिन तहसील के लेखपाल लोग अलग मुसीबत बन गये हैं वह मौके पर न आकर सबको तहसील आवास इन्तखाफ लेकर बुला रहे हैं। किसानों का कहना है कि लेखपाल लोग क्या कर रहे हैं यह समझ में नहीं आ रहा है। कि मुआवजा मिलेगा कि नहीं।
यह मामला विकास खंड ब्रह्मपुर के ग्राम पंचायत हरपुर का हैं। जहां के लेखपाल अमित कुमार है। गांव के बिरेन्द्र कुमार, अशोक कुमार,विनोद यादव, कौशल्या देवी,फेकनी देवी, जितेन्द्र सहित तमाम लोगों का कहना है कि आज तीन दिन से लेखपाल साहब हम लोगों को इन्तखाफ लेकर तहसील बुला रहे हैं। जब कि उनको गांव में आकर सबका सत्यापन करना चाहिए। हम लोग तो वैसे मुसीबत के मारे हुए हैं अब कहां से दो सौ रुपए का व्यवस्था करें। वहां जाने के लिए चार किलोमीटर पैदल चलना पडेगा फिर 20 रूपया किराया एक तरफ से देना पड़ेगा अगर काम नहीं हुआ तो कई दिन जाना पड़ सकता है सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिसके धर बृद्ध महिला व पुरुष है या कोई जाने वाला नहीं है उसका क्या होगा।
इस सम्बन्ध में ग्राम प्रधान महंथ गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने कहा कि तीन दिन से लेखपाल गांव के लोगों को तहसील में अपने आवास पर इन्तखाफ लेकर बुला रहे हैं। मैं आज गांव में धर गिराई का सूची बनवा रहा हूँ मुझे विशेष जानकारी नहीं है।
इस सम्बन्ध में तहसील लेखपाल अमित कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि एक ही नहीं तमाम गांव के लोग अपना इन्तखाफ वगैरह लेकर आ रहे हैं उन्ही से पूछकर हिस्सा वगैरह बनवाया जायेगा सर्वे व सत्यापन का कार्य बहुत पहले ही हो चुका है। जब उनसे यह पूछा गया कि यह कार्य गांव में आकर करना है तो उन्होंने कहा कि धीरे धीरे सब हो जायेगा यह पूछा गया कि इस तरह का कोई आदेश है क्या कि लोग तहसील आकर इन्तखाफ वगैरह दे तो लेखपाल कहे कि ऐसा आदेश नहीं हैं।

