बंद स्कूलों में सपा ने मनाया शिक्षक दिवस
-सरकार से पूछा-जब विद्यालय ही बंद हैं तो कैसे संवरेगा बच्चों का भविष्य?
-जिले के कई बंद पड़े प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहुंचकर सपा नेताओं ने उठाई आवाज
अयोध्या। शिक्षक दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को सामने लाने के लिए अनूठे अंदाज में जिले के बंद पड़े प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक दिवस मनाया। तारुन, मिल्कीपुर, मया, सोहावल, मसौधा, अमानीगंज और पूरा बाजार सहित विभिन्न विकासखंडों में पार्टी पदाधिकारी बंद विद्यालयों में पहुंचे और शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर सरकार को घेरा। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने कहा कि “विद्यालय महज ईंट-पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि गांव और समाज के भविष्य को गढ़ने का केंद्र हैं। जिस विद्यालय में बच्चों की किलकारियां गूंजनी चाहिएं, यदि वहां ताले लटक रहे हैं तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षक दिवस पर बंद विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर सपा ने सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों को शिक्षा की वास्तविक तस्वीर दिखाने का काम किया है।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और गांवों के विद्यालयों को हर हाल में सुचारु रूप से संचालित किया जाना चाहिए। मिल्कीपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत प्रसाद ने अमानीगंज विकासखंड के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय विनायकपुर में शिक्षक दिवस मनाते हुए कहा कि “शिक्षा किसी भी समाज की तरक्की की बुनियाद है। गांव के गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों की उम्मीद सरकारी विद्यालयों से जुड़ी होती है। विद्यालय बंद रहेंगे तो बच्चों के भविष्य का निर्माण कैसे होगा। सरकार को बंद विद्यालयों को खोलने, पर्याप्त शिक्षक नियुक्त करने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए। मसौधा विकासखंड के खरगूपुर में कार्यक्रम के दौरान हाजी फिरोज खान गब्बर ने कहा कि “शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों को माला पहनाने और शुभकामनाएं देने का दिन नहीं है, बल्कि यह सोचने का अवसर है कि हमारे गांव के बच्चों को कैसी शिक्षा मिल रही है। बंद पड़े विद्यालयों में शिक्षक दिवस मनाकर समाजवादी पार्टी ने शिक्षा के उस सवाल को उठाया है, जिससे सीधे हजारों बच्चों का भविष्य जुड़ा है।” उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार को दिखावे के बजाय धरातल पर काम करना चाहिए। वहीं सोहावल विकासखंड के कटरा मोहम्मदपुर में राघवेंद्र प्रताप सिंह अनूप ने कहा कि “शिक्षक देश की नई पीढ़ी का निर्माण करता है। शिक्षक का सम्मान तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक गांव में विद्यालय खुले हों और उनमें बच्चों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक मौजूद हों। बंद विद्यालय शिक्षा व्यवस्था की गंभीर तस्वीर पेश कर रहे हैं। सरकार को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। सपा प्रवक्ता लवलेश पांडेय ने बताया कि पार्टी की ओर से अलग-अलग बंद पड़े विद्यालयों में शिक्षक दिवस मनाने की जिम्मेदारी नेताओं एवं पदाधिकारियों को दी गई थी। विकासखंड तारुन के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय बेलाईंया में जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव के साथ चौ. लौटन राम निषाद, सियाराम निषाद, रोली यादव, राजेश पटेल और विजय यादव मौजूद रहे।
मिल्कीपुर विधानसभा के अमानीगंज विकासखंड के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय विनायकपुर में अजीत प्रसाद, मोहम्मद अली और रिजवान रसूल, मसौधा विकासखंड के खरगूपुर में हाजी फिरोज खान गब्बर, अमृत राजपाल और एजाज अहमद, सोहावल विकासखंड के कटरा मोहम्मदपुर में राघवेंद्र प्रताप सिंह अनूप और छोटे लाल यादव, मया विकासखंड के केशवपुर बेल्हा में रामसागर वर्मा और इंद्रपाल यादव तथा पूरा बाजार विकासखंड के रामपुर हलवारा में रक्षाराम यादव, जय सिंह राणा और राम अचल यादव सहित पार्टी पदाधिकारी, स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी शिक्षा, समान अवसर और सामाजिक न्याय की पक्षधर रही है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए बंद पड़े विद्यालयों को पुनः संचालित करने के साथ पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने कहा कि शिक्षक दिवस पर बंद विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित करना महज एक आयोजन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार के सामने खड़ा किया गया सीधा सवाल है। पार्टी ने मांग की कि बंद विद्यालयों को शीघ्र खोला जाए, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और ग्रामीण बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण दिया जाए। सपा ने साफ संदेश दिया कि बच्चों के भविष्य से जुड़े शिक्षा के सवाल पर चुप नहीं बैठा जाएगा और गांव-गांव की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवाज लगातार उठाई जाएगी।

