सुल्तानपुर। धार्मिक भावनाओं की मर्यादा एवं आस्था की गरिमा बनाए रखने की मांग को लेकर कटका क्लब सामाजिक संस्था एवं मिशन जारी टीम के संयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट प्रीति जैन को लिखित ज्ञापन सौंपा गया। कार्यक्रम की अगुवाई संस्था अध्यक्ष सौरभ मिश्र ने की।
इस दौरान सौरभ मिश्र ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में देवी-देवताओं के स्वरूप धारण कर किए जाने वाले नृत्य एवं कुछ आपत्तिजनक झांकियों से समाज के एक वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूप की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को लेकर प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता जताई। मिशन जारी टीम के मनोज कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए ऐसे आयोजनों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि धार्मिक आयोजनों में देवी-देवताओं के स्वरूप एवं धार्मिक प्रतीकों की मर्यादा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि देवी-देवताओं के भेष में सार्वजनिक रूप से किए जाने वाले नृत्य एवं आपत्तिजनक प्रदर्शनों पर रोक लगाने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, आयोजकों अथवा संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध प्रचलित कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को ऐसे आयोजनों की निगरानी करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी करने की मांग की गई। संस्था ने प्रदेश स्तर पर धार्मिक आस्था की गरिमा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू किए जाने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल में कथा वाचक शनि मिश्र, प्रांजल मिश्र, बृजेंद्र मिश्र, मोनू यादव, धीरेन्द्र कुमार, महेंद्र सिंह, शिव कुमार, शिवाकांत यादव, ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।
इस दौरान सौरभ मिश्र ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में देवी-देवताओं के स्वरूप धारण कर किए जाने वाले नृत्य एवं कुछ आपत्तिजनक झांकियों से समाज के एक वर्ग की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। धार्मिक प्रतीकों और देवी-देवताओं के स्वरूप की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को लेकर प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता जताई। मिशन जारी टीम के मनोज कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए ऐसे आयोजनों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि धार्मिक आयोजनों में देवी-देवताओं के स्वरूप एवं धार्मिक प्रतीकों की मर्यादा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई कि देवी-देवताओं के भेष में सार्वजनिक रूप से किए जाने वाले नृत्य एवं आपत्तिजनक प्रदर्शनों पर रोक लगाने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, आयोजकों अथवा संबंधित संस्थाओं के विरुद्ध प्रचलित कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को ऐसे आयोजनों की निगरानी करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी करने की मांग की गई। संस्था ने प्रदेश स्तर पर धार्मिक आस्था की गरिमा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू किए जाने की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल में कथा वाचक शनि मिश्र, प्रांजल मिश्र, बृजेंद्र मिश्र, मोनू यादव, धीरेन्द्र कुमार, महेंद्र सिंह, शिव कुमार, शिवाकांत यादव, ने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार इस संवेदनशील विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी।

