पितृ पूजन सुपुत्र का धर्म- महंथ बृज मोहन दास
पत्रकार के पिता की पुण्यतिथि पर मूर्ति स्थापना में हुए शामिल
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कुड़वार/सुल्तानपुर। पिता की प्रथम पुण्यतिथि पर सप्ताह भर से हो रहे पूजन कार्यक्रम के बाद शुक्रवार को पत्रकार के पिता की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचे दशरथ गद्दी पीठाधीश्वर अयोध्या धाम बृज मोहन दास ने कहा कि पितृ पूजन बेटे का प्रमुख धर्म है।उन्होंने पत्रकार द्वारा अपने पिता की मूर्ति स्थापना करवाने की सराहना की।
बता दे कि स्थानीय थाना क्षेत्र के मझारी गांव निवासी इन्द्रसेन दूबे ने साल भर पहले दिवंगत हुए अपने पिता स्व कपिल कांत दूबे की मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया। विगत सप्ताह भर से विद्वानों द्वारा मूर्ति स्थापना संबंधी पूजन अर्चन पाठ कराया जा रहा था। शुक्रवार को विद्वानों द्वारा विधि विधान से हवन पूजन कराने के बाद दशरथ गद्दी पीठाधीश्वर अयोध्या धाम महंत बृज मोहन दास द्वारा इंद्रसेन द्विवेदी के पिता की मूर्ति का अनावरण किया। अनावरण के मौके पर महराज जी के साथ विशेषाचार्य जी महराज अयोध्या धाम,पूर्व ब्लॉक प्रमुख धनपतगंज यशभद्र सिंह मोनू,ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। मूर्ति अनावरण के बाद महंत बृज मोहन दास ने कहा कि देवी देवताओं के पूजन की तरह ही पितृ पूजन भी आवश्यक है।जिस तरह हिन्दू धर्म में देवी देवताओं के लिए तिथियाँ निर्धारित है। उसी तरह पितरों के लिए भी साल भर में दो पक्ष निर्धारित है।इंद्रसेन द्वारा अपने पिता की मूर्ति स्थापना कराकर सुपुत्र होने का एक संदेश समाज को दिया है।इनके द्वारा किया गया कार्य बेहद सराहनीय है।कार्यक्रम में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, पूर्व प्रमुख वीर भद्र सिंह, दिवाकर दूबे सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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