नीलगाय के हमले में किसान की मौत
बस्ती : नीलगायों का आतंक अब जानलेवा होता जा रहा है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बैहार गांव में रविवार सुबह खेत की खड़ी फसल देखने गए 49 वर्षीय जैसराम पर अचानक नीलगाय ने हमला कर दिया। नीलगाय ने उन्हें कई बार उठाकर पटका। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।बाहरगांव निवासी किसान जैसराम (49) पुत्र राम रविवार सुबह करीब 10 बजे अपने खेत में खड़ी फसल देखने जा रहे थे। इसी दौरान गन्ने के खेत से अचानक निकली नीलगाय ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी हुबलाल के मुताबिक, नीलगाय का सींग जैसराम के सीने में धंस गया। इसके बाद नीलगाय ने उन्हें कई बार उठाकर जमीन पर पटक दिया। हुबलाल ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और शोर मचाकर ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक जैसराम की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और स्वजन को सांत्वना देने लगे।
जैसराम की पत्नी माना देवी का दो वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उनके चार बच्चे सूरज, मोहित, रोहित और सरिता हैं। इनमें केवल बड़े बेटे सूरज की शादी हुई है। पिता की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।बताया गया कि जैसराम पिछले करीब 25 वर्षों से गांव के प्रधान एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलराम चौधरी के घर रहकर उनका कारोबार देखते थे। उनकी मौत की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में नीलगायों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले ये फसलों को नुकसान पहुं
नीलगाय के हमले में किसान की मौत
चाती थीं, लेकिन अब इनके आक्रामक होने से लोगों की जान पर भी खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नीलगाय इसी तरह आक्रामक होती रहीं तो किसानों के लिए खेतों में जाना भी मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से नीलगायों के आतंक से निजात दिलाने
की मांग की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा बनवाकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया
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