मानदेय विसंगति से भड़के यूपी के 4,000 आयुष डॉक्टर
21 सितंबर को सीएम आवास घेराव की चेतावनी
सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (छभ्ड) के तहत कार्यरत 4,000 आयुष डॉक्टरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आयुष डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (उ.प्र.) ने मानदेय में भारी विसंगति को लेकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।
वर्ष 2009-11 में एमबीबीएस और आयुष दोनों डॉक्टरों का मानदेय ₹24,000 समान था। आज एमबीबीएस डॉक्टरों का बेसिक मानदेय बढ़कर ₹1,00,000 महीना हो गया है, जबकि आयुष डॉक्टरों का मानदेय मात्र ₹32,000 पर अटका हुआ है। संगठन ने समान कार्य के लिए समान मानदेय लागू करने की मांग की है। एसोसिएशन ने 20 सितंबर 2026 तक सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर 21 सितंबर 2026 को सुबह 8.00 बजे से प्रदेशभर के आयुष चिकित्सक मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य मंत्री) के आवास के बाहर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे।
डॉ. रामसुरेश राय (अध्यक्ष), डॉ. अनिल गुप्ता (सचिवध्महामंत्री), डॉ. कन्हैया लाल ओझा (कोषाध्यक्ष), मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा, डा० संतोष श्रीवास्तव, प्रेमचंद श्रीवास्तव, शिवकुमार यादव डॉ. संजीव पांडेय, डॉ. इन्द्रेश, डॉ. प्रभाकर सिंह, डॉ. तारिक खान, डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला, डॉ. शबाना परवीन, डॉ. संजीव गुप्ता, डॉ. रमेन्द्र गंगवार, डॉ. अमित मौर्य, डॉ. विनय पाल विकास गुप्ता, डॉ. सन्तराम, डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. शिवम् गुप्ता, डॉ. देवेश तिवारी, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. के.एस. तिवारी मेडिकल ऑफिसर दुबेपुर आदि चिकित्सक व भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।

