खरीफ फसलों में रोग-कीट प्रबंधन, प्राकृतिक खेती एवं पशु रोगों से बचाव की दी गई जानकारी

खरीफ फसलों में रोग-कीट प्रबंधन, प्राकृतिक खेती एवं पशु रोगों से बचाव की दी गई जानकारी
आजमगढ़, 16 सितम्बर(आर एन एस)कृषि विभाग, आजमगढ़ द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, कोटवा के परिसर में प्रत्येक माह के तृतीय बुधवार को आयोजित होने वाले किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसान दिवस में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए कृषकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य कृषकों को कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य पालन एवं सिंचाई सहित कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों की नवीनतम जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का निराकरण कराना रहा।कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, कोटवा के वैज्ञानिक डाॅ. रणधीर नायक ने सम-सामयिक कृषि विषयों पर कृषकों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने खरीफ फसलों में लगने वाले विभिन्न रोग एवं कीटों की पहचान, रोकथाम तथा प्रभावी प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कृषकों को फसलों की नियमित निगरानी करने तथा रोग एवं कीट प्रकोप की स्थिति में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों से आवश्यक सलाह लेने के लिए प्रेरित किया।कृषकों को आगामी रबी मौसम में पशुओं को विभिन्न रोगों से बचाव के संबंध में भी आवश्यक सुझाव दिए गए। पशुओं के स्वास्थ्य, समय से टीकाकरण तथा उचित देखभाल के महत्व की जानकारी देते हुए पशुपालन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का सुझाव दिया गया।कृषि विज्ञान केन्द्र, कोटवा के प्रभारी डाॅ. अखिलेश यादव ने कृषकों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के समुचित उपयोग तथा कृषि में पर्यावरण अनुकूल पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। कृषकों को उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।उप कृषि निदेशक, आजमगढ़ आशीष कुमार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कृषक हितकारी कार्यक्रमों की जानकारी किसानों के मध्य साझा की। उन्होंने कृषकों से अपील की कि कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में आने वाली अपनी समस्याओं एवं कठिनाइयों से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराएं, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से उनका समयबद्ध समाधान कराया जा सके। उन्होंने कृषकों को विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा कृषि विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही तकनीकी सलाह को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।किसान दिवस के दौरान कृषकों को कृषि के साथ-साथ पशुपालन, उद्यान, मत्स्य पालन, सिंचाई एवं भूमि संरक्षण आदि क्षेत्रों से संबंधित विभागीय योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। उपस्थित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा कृषकों की समस्याओं को सुना गया तथा आवश्यकतानुसार संबंधित विभागीय स्तर से समाधान के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप कृषि निदेशक, आजमगढ़, प्रभारी कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा, कृषि विज्ञान केन्द्र कोटवा के वरिष्ठ वैज्ञानिक, भूमि संरक्षण अधिकारी ऊसर सुधार, सहायक अभियंता नलकूप विभाग, सहायक अभियंता सिंचाई खण्ड-23, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, उप मुख्य पशुचिकित्साधिकारी, वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक, वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक, आजमगढ़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

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