राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार

(वाशिंगटन)अमेरिका में सिख ट्रक चालक को 17 बार चाकू मारकर घायल किया, ट्रंप प्रशासन पर सवाल
वाशिंगटन,18 सितंबर। अमेरिका के व्योमिंग राज्य में एक विश्राम स्थल पर 28 वर्षीय सिख ट्रक चालक को चाकू मारकर घायल कर दिया गया। आरोपी को 17 बार चाकू मारा गया था। पीड़ित सैक्रामेंटो के रहने वाले हैं। उनकी गर्दन, छाती, बांहों और पसलियों में चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। उसने घटना से कुछ दिन पहले अप्रवासियों को लेकर विवादित पोस्ट की थी।
पीड़ित चालक का नाम केवल सिंह है। उन्होंने पुलिस को बताया कि रविवार तड़के इंटरस्टेट 80 पर स्थित बिटर क्रीक रेस्ट एरिया के एक बाथरूम में उनके ऊपर पीछे से हमला हुआ था।
वह पेंसिल्वेनिया की ओर जाते समय वॉशरूम का इस्तेमाल कर रहा था, तभी हमलावर ने अचानक गर्दन, छाती, बांहों और पसलियों पर कई जगह चाकू से वार किए।
वह किसी तरह वॉशरूम से बाहर निकलने में कामयाब रहा, जिसके बाद वह बाहर गिर पड़ा।
घटना के बाद विश्राम स्थल पर मौजूद एक हिस्पैनिक परिवार ने पीड़ित को अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को संदिग्ध के ट्रक के बारे में जानकारी दी।
व्योमिंग हाईवे पेट्रोल ने विश्राम क्षेत्र से लगभग 113 किलोमीटर दूर रॉलिन्स के पास वाहन को रोका और संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान एंड्रयू क्रिस बज़्दक के रूप में हुई।
ब्जदक पर फर्स्ट-डिग्री हत्या की कोशिश का आरोप लगाया गया है। अभी हमले के कारणों का पता नहीं चला है।
चाकूबाजी की घटना तब हुई, जब अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से निर्मित ट्रांसफॉर्मर-शैली के एक ग्राफिक को पोस्ट किया था।
उसमें ट्रंप प्रशासन ने अवैध और अप्रवासी ट्रक चालकों पर की जा रही कार्रवाई के तहत ‘सिंह’ नामक एक सिख व्यक्ति को निशाना बनाया था।
पोस्टर पर लिखा था, अमेरिका अमेरिकियों के लिए है। हमारी सड़कों से हट जाओ, तुम्हें गाड़ी चलाना नहीं आता, मिस्टर सिंह।
इसमें लोगों से देश छोड़ने का भी आग्रह था।
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(मेलबर्न)ऑस्ट्रेलिया में बेटे से मिलने पहुंचीं भारतीय महिला और उनकी बहू की सड़क हादसे में मौत
मेलबर्न,18 सितंबर। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में अपने बेटे से मिलने पहुंचीं आंध्र प्रदेश की 67 वर्षीय रमा देवी की सड़क हादसे में मौत हो गई। उनकी कार एक पोर्श कार से टकरा गई थी। घटना के समय रमा देवी के साथ उनकी 33 वर्षीय बहू नेहा बोम्माली भी थीं, जिनकी मौत हुई है। नेहा के परिवार में उनके पति और 2 बच्चे हैं, जिनकी उम्र 10 वर्ष से कम है। रमा देवी 2 महीने पहले अपने बेटे से मिलने मेलबर्न गई थीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसा पॉइंट कुक के पामर्स रोड पर हुई, तब रमा देवी और नेहा जीटी प्रसाद के साथ टोयोटा कार में यात्रा कर रही थीं।
खबरों के मुताबिक दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रसाद दुर्घटना में बच गए। आसपास के लोग उनकी मदद को दौड़े, लेकिन उन्हें बचा नहीं सके।
पोर्श कार के चालक की पहचान प्वाइंट कुक निवासी 53 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है। वह पुलिस हिरासत में है।
विशाखापट्टनम की रहने वाली रमा देवी के पति जीटी प्रसाद, विशाखापट्टनम जिला क्रिकेट संघ के पूर्व संयुक्त सचिव और हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के पूर्व कर्मचारी हैं।
रमा 2 महीने पहले अपने परिवार से मिलने, अपने पोते-पोतियों के साथ समय बिताने और एक पारिवारिक समारोह में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं।
नेहा के पति वरुण चंद्र गुना नेहा और रमा देवी को भारत वापस लाने का प्रयास कर रहे हैं।
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(वाशिंगटन)अमेरिका में लागू हुआ नया आव्रजन नियम, भारतीय ग्रीन कार्ड आवेदकों पर पड़ेगा सीधा असर
वाशिंगटन,18 सितंबर। अमेरिका की सरकार ने ग्रीन कार्ड (स्थायी निवास) की चाह रखने वाले विदेशी नागरिकों, विशेषकर भारतीय पेशेवरों के लिए शुक्रवार (18 सितंबर) से नियमों में एक बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) ने साल 2022 के ‘पब्लिक चार्ज’ नियमों को रद्द कर दिया है। इसकी जगह अब अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन (यूएससीआईएस) को यह तय करने का अधिकार दिया है कि कौन भविष्य में अमेरिकी सरकार पर आर्थिक रूप से बोझ बन सकता है।
यह नया नियम 18 सितंबर या उसके बाद किए जाने वाले फॉर्म आई-485, स्थायी निवास पंजीकरण या स्थिति समायोजन के लिए आवेदन पर लागू होगा।
इससे पहले दाखिल किए गए और लंबित आवेदनों पर पूर्व नियम लागू होगा।
फेडरल रजिस्टर में स्पष्ट किया है कि 18 सितंबर से पहले प्राप्त आय-आधारित सार्वजनिक लाभों को 2022 के नियम के अनुरूप माना जाएगा। नए आवेदनों पर ही नया नियम लागू किया जाएगा।
नए ढांचे के तहत कोई निश्चित वेतन या आय की सीमा तय नहीं की गई है, जिसके नीचे आने पर आवेदन खारिज हो जाए।
इसके बजाय, यूएससीआईएस के अधिकारी अब आवेदक की समग्र परिस्थितियों का आकलन करने के लिए 5 कानूनी कारकों को एक साथ मिलाकर देखेंग।
इनमें आवेदक की उम्र, स्वास्थ्य की स्थिति, पारिवारिक स्थिति, संपत्ति, संसाधन और वित्तीय स्थिति, शिक्षा का स्तर और कौशल शामिल होगा। उसके बाद ही उनके आवेदनों पर निर्णय होगा।
पहले के नियमों में सरकार केवल नकद सहायता या दीर्घकालिक संस्थागत देखभाल पर ध्यान देती थी, लेकिन नए नियम में बदलाव किए गए हैं।
अब किसी आवेदक के नकद सहायता, आवास सहायता, खाद्य सहायता और सरकार द्वारा वित्त पोषित कुछ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया है, तो उन्हें भी मामलों के हिसाब से जांच के दायरे में शामिल किया जा सकता है।
अधिकारी पूरे मामले की समग्रता को देखकर ही आवेदन पर अंतिम फैसला लेंगे।
यह बदलाव विशेष रूप से भारतीय प्रौद्योगिकी पेशेवरों और अन्य कुशल कामगारों के लिए प्रासंगिक है जो अस्थायी अमेरिकी आप्रवासन स्थिति से स्थायी निवास में परिवर्तित हो रहे हैं।
इनमें ईबी-1 में शामिल प्राथमिकता वाले कर्मचारी, ईबी-2 में शामिल उन्नत डिग्री वाले पेशेवर, ईबी-3 में शामिल कुशल कर्मचारी और पेशेवर, कुछ अन्य कर्मचारी, निवेशक और कुछ धार्मिक कार्यकर्ता शामिल हैं।
हालांकि, बोझ माने जाने के लिए आवेदक की ग्रीन कार्ड श्रेणी और व्यक्तिगत परिस्थितियां मायने रखेंगी।
अमेरिकी नागरिकों के विदेशी जीवनसाथी, माता-पिता या बच्चों के पारिवारिक-स्पॉन्सरशिप वाले आवेदनों पर भी नया पब्लिक चार्ज टेस्ट लागू होगा।
हालांकि, शरणार्थियों, एसिली, मानव तस्करी के पीड़ितों और कुछ विशेष श्रेणियों को इस पब्लिक चार्ज नियम से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
जांच के बाद यूएससीआईएस को लगेगा कि कोई आवेदक केवल ‘पब्लिक चार्ज’ होने के आधार पर अयोग्य हो रहा है, तो एजेंसी खुद उसे पब्लिक चार्ज बॉन्ड (फॉर्म आई-945) भरने का आमंत्रण देगी।
जहां लागू हो, यूएससीआईएस फॉर्म आई-864, समर्थन शपथ पत्र पर विचार कर सकता है। यह फॉर्म प्रायोजक से वित्तीय प्रतिबद्धता प्रदान करने के लिए है, जहां इसकी आवश्यकता होती है।
हालांकि, इसका यह अर्थ नहीं है कि आवेदक की परिस्थितियों के अन्य सभी पहलू अप्रासंगिक हो जाते हैं।
नए दिशानिर्देशों के अनुसार, यूएससीआईएस सार्वजनिक प्रभार निर्धारण करते समय व्यापक साक्ष्यों के साथ-साथ हलफनामे पर भी विचार कर सकता है। ऐसे में थोड़ी राहत मिल सकती है।
नए नियम के तहत ग्रीन कार्ड के भारतीय आवेदकों की वित्तीय और व्यक्तिगत स्थिति की जांच अब अधिक व्यापक होगी।
स्थिर वित्तीय स्थिति वाले पेशेवरों के लिए आकलन योग्यता के आधार पर होगा, जबकि जटिल मामलों में जांच का दायरा बढ़ गया है।
इस नीति के खिलाफ कानूनी चुनौतियां भी सामने आई हैं, लेकिन वर्तमान में यह नियम प्रभावी है।
विस्तृत जानकारी के लिए आप संबंधित आधिकारिक स्रोतों का अवलोकन कर सकते हैं।
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(मॉस्को)यूक्रेन युद्ध के बीच रूस में संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरू, पुतिन का अहम बयान
मॉस्को, 18 सितंबर। यूक्रेन के साथ साढ़े 4 साल से जारी भीषण युद्ध के बीच रूस में शुक्रवार से 3 दिवसीय संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। इन चुनावों में रूसी संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के 450 सदस्य चुने जाएंगे। हालांकि, राजनीतिक परिदृश्य में कोई वास्तविक विपक्ष नहीं है, क्योंकि कई दलों को देश में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया है। सत्तारूढ़ यूनाइटेड रूस पार्टी को चुनावों में बहुमत सीटें जीतने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मतदान शुरू होने से ठीक पहले रूसी नागरिकों को संबोधित करते हुए चुनाव को देश की संप्रभुता और सेना के सम्मान से जोड़ा है।
उन्होंने कहा, आपका चुनाव और आपका संकल्प एक बार फिर यह प्रदर्शित करेगा कि लाखों लोग हमारे सैनिकों के पीछे खड़े हैं। यह साबित करेगा कि हम एक संयुक्त जनता हैं, जो साझा मूल्यों, ऐतिहासिक स्मृति और मातृभूमि के प्रति अटूट प्रेम से बंधी हुई है।
इन चुनावों में रूसी राजनीति पर क्रेमलिन की पकड़ स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
एकमात्र पंजीकृत युद्ध-विरोधी पार्टी याब्लोको को शुरू में भाग लेने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस पर प्रतिबंध लगा दिया।
याब्लोको के सह-संस्थापक और प्रमुख उदारवादी राजनीतिज्ञ ग्रिगोरी यावलिंस्की ने कहा कि यूक्रेन के संबंध में उनके शांति संदेश को मिले समर्थन से क्रेमलिन आश्चर्यचकित था। ऐसे में सरकार ने यह कदम उठाया है।
मतपत्र पर अब केवल 10 ऐसी पार्टियां शामिल हैं जो क्रेमलिन के प्रति पूरी तरह वफादार हैं और यूक्रेन में चल रहे सैन्य अभियान का पुरजोर समर्थन करती हैं।
पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी ने इस बार यूक्रेन युद्ध से लौटे दर्जनों युद्ध दिग्गजों को चुनाव में उम्मीदवार के रूप में उतारा है।
जो भी गिने-चुने राजनेता युद्ध के खिलाफ थे, उन्हें या तो जेल में डाल दिया गया है या वे देश छोड़कर भाग चुके हैं।
मॉस्को के अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक मतदान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं, जिसके तहत ऑनलाइन या इलेक्ट्रॉनिक टर्मिनलों पर मतदान करने वालों को पुरस्कार दिए जाएंगे।
आलोचकों का तर्क है कि यह प्रणाली कागजी मतपत्रों की तुलना में कम पारदर्शी है।
यूक्रेन युद्ध के 186 अनुभवी सैनिक स्टेट ड्यूमा के उम्मीदवारों के रूप में मौजूद हैं। इसके अलावा, 1,500 पूर्व सैनिक क्षेत्रीय और नगरपालिका पदों के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।
सार्थक विपक्ष की अनुपस्थिति के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव परिणामों का उपयोग क्रेमलिन की कार्रवाइयों को वैध ठहराने के लिए किया जाएगा।
पर्यवेक्षक ऐसे चुनावों के उद्देश्य पर सवाल उठाते हैं जहां परिणाम पहले से ही निर्धारित प्रतीत होते हैं और कोई वास्तविक विपक्ष मौजूद नहीं है।
रूसी सोशल मीडिया चैनलों ने यूक्रेन में जनशक्ति को मजबूत करने के लिए चुनावों के बाद और अधिक लामबंदी की अटकलें लगाई हैं। हालांकि, क्रेमलिन ने इसे खारिज किया है।
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(ढाका)बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान में यात्रियों में हुई हिंसक झड़प, कपड़ फाड़ने के साथ हुई हाथापाई
ढाका,18 सितंबर। विमान यात्रा में यात्रियों के दुर्व्यवहार और आपस में भिड़ जाने का एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की लंदन से बांग्लादेश आ रही एक उड़ान में 2 यात्रियों के बीच हवा में ही लात-घूंसे चल गए। बीच आसमान में हुई इस हिंसक झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उड़ान के दौरान विमान की सुरक्षा और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान जब आसमान में थी, तब 2 पुरुष यात्रियों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते यह जुबानी जंग शारीरिक हिंसा में बदल गई। विमान के अंदर अचानक हुई इस हाथापाई के कारण सह-यात्रियों में हड़कंप मच गया।
वायरल फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि दोनों शख्स एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ मुक्के बरसा रहे हैं। इस खूनी झड़प के दौरान एक यात्री की टी-शर्ट तक फट जाती है।
हवा में चल रहा यह हाई-वोल्टेज ड्रामा तब तक शांत नहीं हुआ, जब तक विमान के चालक दल के सदस्यों और कुछ अन्य साहसी यात्रियों ने बीच-बचाव नहीं किया।
उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों हिंसक यात्रियों को पकड़कर एक-दूसरे से अलग किया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।
शुरुआती रिपोर्टों में इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है कि दोनों यात्रियों के बीच विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था।
इस गंभीर घटना को लेकर जब बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस के महाप्रबंधक महबुबुद्दीन अहमद से संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास इस घटना की कोई आधिकारिक जानकारी या रिपोर्ट नहीं आई है। हालांकि, बाद में उन्होंने मामले की जांच किए जाने की बात कही है।
आरोपी यात्रियों को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले किया या नहीं और उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई, इस पर एयरलाइंस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
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(नईदिल्ली)बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र, पूर्वी और मध्य भारत में बढ़ सकती है बारिश
0-19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल; उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगा शुष्क मौसम
नई दिल्ली, 18 सितंबर (आरएनएस)। देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने के साथ ही बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का दौर जारी रख सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। वहीं, देश के कई अन्य हिस्सों में अभी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का दौर जारी है।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाला नया मौसमी तंत्र पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। इस तंत्र की शुरुआत उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण से होने का अनुमान है। इसके 18 सितंबर के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर पहुंचने तथा 19 सितंबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन से चार दिनों में यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तट की ओर जा सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा यह तंत्र धीरे-धीरे मजबूत हो सकता है। स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत ने भी इसके पूर्वी तट की ओर बढ़ने के साथ सक्रिय होने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह का मौसमी चक्र सामान्य तौर पर जून-जुलाई में देखने को मिलता है, लेकिन इस वर्ष सितंबर में भी ऐसा चक्रवाती परिसंचरण बन रहा है।
अनुमानों के मुताबिक, मानसून की वापसी शुरू होने के बाद भी बारिश का दौर पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। नया मौसमी तंत्र ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बाद में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ा सकता है। इसके अलावा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश की संभावना बन सकती है। तंत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के साथ पूर्वी तट के कई इलाकों में मौसम प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की द्रोणिका के मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सक्रिय रहने की संभावना है। इसका असर यह होगा कि जहां उत्तर-पश्चिम भारत धीरे-धीरे शुष्क मौसम की ओर बढ़ेगा, वहीं मध्य और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश जारी रह सकती है।
राजस्थान में शुष्क मौसम की शुरुआत के संकेत मिलने लगे हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में अपेक्षाकृत शुष्क परिस्थितियां बन सकती हैं, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
पश्चिमी भारत में गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ के क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे शुष्क मौसम बढ़ने की उम्मीद है। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे, सांगली, सतारा, कोल्हापुर और रत्नागिरी सहित कई हिस्सों में मौजूदा बारिश के बाद गतिविधियों में कमी आ सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की वापसी के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम में असमान बदलाव सामान्य प्रक्रिया है। मानसून पूरे देश से एक साथ वापस नहीं लौटता। मौसम विभाग किसी क्षेत्र से मानसून की वापसी की घोषणा करने से पहले लगातार बारिश बंद होने, प्रतिचक्रवात बनने और वातावरण में नमी की मात्रा में उल्लेखनीय कमी जैसे संकेतों का आकलन करता है।
उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी का असर केवल बारिश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि तापमान में भी बदलाव आने लगता है। बादल कम होने और आसमान साफ होने पर दिन के समय सूर्य की गर्मी जमीन को अधिक गर्म कर सकती है। वहीं, रात में बादलों की कमी के कारण धरती की गर्मी तेजी से बाहर निकलती है, जिससे रात के तापमान में गिरावट आ सकती है।
इससे दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है। ऐसे में दोपहर के समय गर्मी महसूस होने के बावजूद सुबह और शाम का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा लग सकता है। मौसम में अचानक होने वाले इन बदलावों का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में उतार-चढ़ाव से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, विशेषकर गर्मी या मौसम संबंधी तनाव की स्थिति में।
आने वाले दिनों में देश के मौसम का स्वरूप दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी के साथ शुष्क परिस्थितियां बढ़ेंगी, जबकि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र पूर्वी और मध्य भारत में बारिश की गतिविधियों को सक्रिय रख सकता है। दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में भी इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से बारिश बढ़ने की संभावना है।
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(गुरुग्राम)गुरूग्राम में महिला सहकर्मी ने साथी संग मिलकर ली युवक की जान, शव नाले में फेंका
गुरुग्राम,18 सितंबर (आरएनएस)। दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर-70 के एक नाले में 31 वर्षीय युवक के शव मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। गुरूग्राम पुलिस ने बताया कि युवक की हत्या करके शव को नाले में फेंका गया था। मामले में कंपनी की पूर्व-सहकर्मी आन्या वत्स और उसके लिव-इन पार्टनर संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया गया है। मृतक युवक दिल्ली के सरिता विहार निवासी युवराज सिंह मनचंदा है, जो गुरूग्राम सेक्टर-29 स्थित अडाणी रियल्टी कंपनी में प्रबंधक थे।
युवराज 6 सितंबर की शाम को अपने परिवार के साथ लाजपत नगर मार्केट गए थे। यहां से शाम सवा 4 बजे एक मीटिंग की बात कहकर वह गुरूग्राम चले गए।
परिवार ने उनसे शाम 7 बजे बात की, लेकिन रात 10 बजे तक युवराज नहीं लौटे। इसके बाद उनका फोन भी बंद बता रहा था।
परिवार ने काफी खोजबीन के बाद 11 सितंबर को दिल्ली के लाजपत नगर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने बताया कि युवराज की एक महीने बाद शादी थी और वह उसकी तैयारी कर रहा था। वह घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था।
उसके परिवार के सदस्यों ने मीडिया को बताया कि 6 सितंबर को ही उसने अपनी शादी की शेरवानी खरीदी थी और घर पर काफी तैयारी चल रही थी।
युवराज के पिता पैरालाइज्ड हैं और मां को दिल की बीमारी है। उनकी बहनें भी इस घटना से काफी टूट गई हैं।
जांच में पता चला था कि युवराज ने लापता होने के दिन आखिरी बार आन्या से बात की थी। इसके बाद पुलिस ने आन्या के मोबाइल पर संपर्क किया, जो बंद था।
पुलिस ने जानकारी जुटाई तो आन्या का नया नंबर मिला, जिसकी लोकेशन उत्तराखंड में थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आन्या और उसके साथी संयम को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने हत्या की बात कबूल कर ली और इसके पीछे पैसे का विवाद बताया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने युवराज की गर्दन में गोली मारकर हत्या की थी और शव को 7 घंटे तक अपनी क्रेटा कार में रखा। बाद में सेक्टर-70 के नाले में फेंक कर उत्तराखंड भाग गए।
दोनों 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई बंदूक अपनी बरामद नहीं हुई है।
पुलिस ने बताया कि दोनों 2022 में एक ही कंपनी में कार्यरत थे, जहां आन्या युवराज के बीच वित्तीय लेन-देन हुआ था।
युवराज के परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या 6 सितंबर को हुई थी और शव 10 सितंबर को मिला, लेकिन जानकारी 16 सितंबर को दी गई। आरोप है कि 14 सितंबर को परिवार को सूचना दिए बिना शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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(लखनऊ)यूपीआई पर मायावती ने केंद्र सरकार को घेरा, कहा-सरकार कुछ भी कहे, जेब तो जनता की ही कटेगी
लखनऊ,18 सितंबर (आरएनएस)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने यूपीआई को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से लिए गए फैसले पर आपत्ति जाहिर की है.
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यूपीआई डिजिटल लेनदेन को पहले खूब बढ़ावा दिया. अब उस लेनदेन पर शुल्क वसूलने की नई व्यवस्था कर डाली है, जो लोगों की नजर में प्रथम दृष्टया मुनाफाखोरी के पूंजीवादी रवैये के तहत जनता से दोनों हाथों से टैक्स वसूली है, इससे जनता में बेचैनी और आक्रोश स्वाभाविक है.
मायावती ने कहा कि वैसे तो जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की इस व्यवस्था को कर मानने को तैयार नहीं है, लेकिन 15 अक्तूबर से लागू होने वाली इस व्यवस्था को चाहे जो भी नाम दिया जाए, जेब तो अन्तत: आम जनता की ही कटेगी. उसका ही खर्च बढ़ेगा.
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यह भी सभी को पता है कि देश की बहुसंख्यक जनता गरीबी व जबरदस्त महंगाई की मार से त्रस्त है. उनके बच्चे अशिक्षा, बेरोजगारी व अव्यवस्था से पीड़ित हैं, ऐसे में सरकार की नीति व कार्ययोजना लाभ कमाने वाली व्यावसायिक कम व कल्याणकारी ज्यादा हो तो यह उचित होगा. जनता की तंगी, दुख-तकलीफ की अगर सरकार चिन्ता नहीं करेगी तो फिर कौन करेगा?
बसपा मुखिया ने कहा कि यूपी सरकार ने करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश के 14,500 स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने की घोषणा की है, अच्छी बात है, लेकिन बच्चों को कथित स्मार्ट पढ़ाई से पहले उन्हें बुनियादी शिक्षा की ज़रूरतें यानी स्कूली बच्चों के सर पर छत, उनके लिये बेंच, कुर्सी, किताब, शौचालय, मैदान, साफ-सफाई आदि की सही व्यवस्था पूरी की जाएं. यह सब प्रति स्कूल क़रीब दो लाख रुपये में क्या संभव हो पायेगा? इस पर भी सरकार सहानुभूतिपूर्वक जरूर विचार करे.
बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बहुचर्चित सामाजिक न्याय की ज़रूरत व मांग यही है कि यूपी सरकार न्यायालय में अगर इस बात की पुरज़ोर पैरवी करती कि एससी समाज के हित व कल्याण के लिए स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान के धन से सहारनपुर, अम्बेडकरनगर, क़न्नौज व जालौन में बनाए गए मेडिकल कॉलेजों में एससी वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था 50 प्रतिशत के सामान्य आरक्षण से अलग है.
इस व्यवस्था से स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान की भरपूर उपयोगिता साबित होती है तो शायद कोर्ट इस पर जरूर सकारात्मक विचार करता और इस पर रोक नहीं लगाता, लेकिन अब जबकि हाईकोर्ट ने इस पर पाबन्दी लगा दी है और मेडिकल दाख़िला भी अब यहां इससे प्रभावित है, ऐसे में यूपी सरकार तत्काल सुप्रीम कोर्ट में आपेक्षित राहत के लिए अपील करे.
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(नईदिल्ली)खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को फंडिंग करने के आरोपी जगतार सिंह जोहल को यूएपीए के सात मामलों में जमानत मिली
नई दिल्ली,18 सितंबर (आरएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को फंडिंग करने के आरोपी जगतार सिंह जोहल को यूएपीए के सात मामलों में जमानत दे दी है. जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.
जोहल ब्रिटेन का निवासी है और उस पर कई हत्याओं में शामिल होने और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स को फंडिंग करने का आरोप है. जगतार सिंह जोहल को पंजाब पुलिस ने 2017 में गिरफ्तार किया था. जोहल को पंजाब पुलिस ने 2017 में आर्म्स एक्ट और यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत गिरफ्तार किया था.
जोहल के खिलाफ 2010 में कई हत्याओं और हत्या के प्रयास में शामिल होने के मामले में पंजाब पुलिस ने दस एफआईआर दर्ज किया था. पंजाब पुलिस ने जांच में पाया था कि इन मामलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की साजिश है और उसके बाद उसने एनआईए को सभी एफआईआर की जांच ट्रांसफर कर दिया.
जोहल पर ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा, आरएसएस के नेता रविंदर गोसाईं और पादरी सुल्तान मसीह की हत्याओं में शामिल होने का आरोप है. इसके पहले ट्रायल कोर्ट ने 7 सितंबर 2022 को जगतार सिंह जोहल की पांच मामलों में और सितंबर 2024 को हाईकोर्ट ने दो मामलों में जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी. उसके बाद जगतार सिंह जोहल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट ने 15 जुलाई को सभी सात मामलों को दिल्ली हाईकोर्ट में दोबारा नये सिरे से सुनवाई करने का आदेश दिया था.
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(चेन्नई)बीएसपी प्रदेश अध्यक्ष हत्याकांड: सीबीआई जांच में हो रही थी देरी, दो साल से जेल में बंद 5 आरोपियों को मिली जमानत
चेन्नई,18 सितंबर (आरएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की सनसनीखेज हत्या के मामले में चेन्नई की प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने इस मामले में जेल में बंद पांच आरोपियों को सशर्त जमानत दे दी है.
इस याचिका पर चेन्नई प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट के जज कार्तिकेयन के समक्ष सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है. जांच पूरी होने के बाद अदालत में कानूनी मुकदमा कब शुरू होगा, इसकी कोई समय-सीमा तय नहीं है. ऐसे में आरोपियों को अनिश्चितकाल के लिए जेल में नहीं रखा जा सकता.
दलीलों को सुनने के बाद जज ने सुप्रीम कोर्ट के एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले का हवाला दिया. जज ने पॉइंट आउट किया कि देश की सर्वोच्च अदालत के मुताबिक यदि त्वरित सुनवाई न होने के कारण आरोपियों के मौलिक अधिकारों पर असर पड़ता है, तो केवल अपराध की गंभीरता या उसकी प्रकृति के आधार पर जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता. इसी संवैधानिक अधिकार के आधार पर कोर्ट ने आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली.
अदालत ने भले ही आरोपियों को जमानत दे दी है, लेकिन उन पर सख्त पाबंदियां भी लगाई हैं. जज द्वारा तय की गई शर्तों के अनुसार, सभी याचिकाकर्ताओं को हर दिन सुबह 10:00 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. आरोपी इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह को डराने, धमकाने या भड़काने की कोशिश नहीं करेंगे.
आपको बता दें कि 5 जुलाई 2024 को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के प्रदेश अध्यक्ष आर्मस्ट्रांग की पेराम्बूर में उनके घर के पास ही एक अज्ञात भीड़ ने कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद पूरे देश की राजनीति में हड़कंप मच गया था.
जांच के दौरान पुलिस ने इस मामले के एक आरोपी तिरुवेंगड़म का एनकाउंटर कर दिया था, जबकि मुख्य आरोपी माना जाने वाला नागेंद्रन बीमारी के चलते दम तोड़ चुका है. बाद में दिवंगत बसपा अध्यक्ष की पत्नी पोरकोडी ने इस हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर यह पूरा मामला राज्य पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दिया गया था.
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(नईदिल्ली)दिल्ली मेट्रो ने बनाया नया कीर्तिमान: बस हड़ताल के चलते 17 सितंबर को मेट्रो में पहुंचे 82.44 लाख से अधिक यात्री
नई दिल्ली,18 सितंबर (आरएनएस)। दिल्ली-एनसीआर की जीवनरेखा कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो ने यात्रियों की आवाजाही के मामले में नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अनुसार, 17 सितंबर को मेट्रो नेटवर्क पर अब तक की सर्वाधिक दैनिक यात्री बोर्डिंग दर्ज की गई। इस दिन कुल 82 लाख 44 हजार 903 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया। इस नए आंकड़े के साथ दिल्ली मेट्रो ने सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
डीएमआरसी के अनुसार, इससे पहले सर्वाधिक दैनिक यात्री बोर्डिंग का रिकॉर्ड 8 अगस्त 2025 को दर्ज किया गया था। उस दिन 81 लाख 88 हजार 115 यात्रियों ने मेट्रो सेवा का उपयोग किया था। 17 सितंबर 2026 को मेट्रो ने इस पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान कायम किया।
मेट्रो में यात्रियों की संख्या में इस अभूतपूर्व वृद्धि की प्रमुख वजह दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल रही। बसों के संचालन में व्यवधान के कारण राजधानी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया और बड़ी संख्या में यात्रियों ने आवागमन के लिए मेट्रो का रुख किया।
सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव और जाम से बचने के लिए भी लोगों ने मेट्रो को प्राथमिकता दी। यात्रियों की अचानक बढ़ी संख्या को देखते हुए डीएमआरसी ने 17 सितंबर को सामान्य दिनों की तुलना में 32 अतिरिक्त फेरे संचालित किए। अतिरिक्त फेरों के चलते यात्रियों को मेट्रो में अपेक्षाकृत सुगम आवागमन उपलब्ध कराने और स्टेशनों पर बढ़ी भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिली।
डीएमआरसी के संचार निदेशक अनुज दयाल ने कहा कि रिकॉर्ड संख्या में यात्री बोर्डिंग यह दर्शाती है कि दिल्ली मेट्रो शहर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। मेट्रो के माध्यम से लोग सड़क यातायात के दबाव और जाम से बचते हुए अपने कार्यस्थल, विद्यालय और अन्य गंतव्यों तक पहुंच रहे हैं।
डीएमआरसी ने इस उपलब्धि के लिए यात्रियों का आभार व्यक्त किया है। निगम ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी और यात्रा की बढ़ती मांग को देखते हुए मेट्रो की सेवाओं, तकनीक और बुनियादी ढांचे को लगातार उन्नत किया जा रहा है। निगम ने यात्रियों की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए मेट्रो नेटवर्क और सेवाओं को और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
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(नईदिल्ली)डूसू चुनाव के बाद विजय जुलूस पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक
0-140 उम्मीदवारों और छात्र संगठनों को नोटिस, लिंगदोह समिति की सिफारिशों के उल्लंघन पर जवाब मांगा
नई दिल्ली ,18 सितंबर (आरएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के दौरान कथित हिंसा और चुनावी नियमों के उल्लंघन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार, छात्र, समर्थक या कोई अन्य व्यक्ति दिल्ली की सड़कों के साथ-साथ विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में भी विजय जुलूस नहीं निकाल सकेगा। आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को सौंपी गई है।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने सभी छात्र संगठनों और डूसू चुनाव में मैदान में उतरे 140 उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर पूछा है कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों, चुनाव आचार संहिता और पहले जारी न्यायालय के आदेशों के कथित उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ सामूहिक चुनावी क्षतिपूर्ति क्यों न लगाई जाए। अदालत ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपराधिक और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ अदालत की अवमानना की कार्यवाही भी हो सकती है।
अदालत ने 17 सितंबर को डूसू चुनाव प्रचार के अंतिम दिन हुई कथित हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन तथा पुलिस से जवाब मांगा था। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा था कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आपराधिक गतिविधियों में बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी सवाल उठाया था कि 16 सितंबर की घटनाओं के बावजूद तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
याचिकाकर्ता प्रशांत मनचंदा ने अदालत को बताया कि वर्ष 2025 में न्यायालय की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद 16 सितंबर को कथित रूप से मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। उन्होंने दावा किया कि कुछ बाहरी लोगों के शामिल होने तथा हथियारों के प्रदर्शन की शिकायतें भी सामने आईं। याचिकाकर्ता के अनुसार, कुछ छात्रों और विधि के विद्यार्थियों के साथ भी मारपीट की गई। इन आरोपों पर अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन से चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करने अथवा रद्द करने जैसे विकल्पों पर विचार करने को कहा था।
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत की चिंताओं से सहमति जताते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में चालान किए गए हैं तथा प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारियां भी की गई हैं। न्यायालय ने पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि चुनावी नियमों तथा उसके निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन हो।
अदालत ने चुनाव प्रचार के दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और वाहनों के काफिलों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। न्यायालय ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
इससे पहले हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि किसी राजनीतिक दल के छात्र संगठन की सदस्यता मात्र के आधार पर किसी उम्मीदवार को डूसू चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि अदालत ने विश्वविद्यालय प्रशासन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को चुनाव प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप को रोकने तथा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
डूसू चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को निर्धारित है, जबकि मतगणना और परिणाम की घोषणा 19 सितंबर को होनी है। हाईकोर्ट के ताजा आदेश के बाद परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और इसके उल्लंघन पर संबंधित व्यक्ति या संगठन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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(रायपुर)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 20वें रोजगार मेले में युवाओं से होंगे रूबरू
0-51 हजार से अधिक युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र
0-125 नव नियुक्त अभ्यर्थी होंगे शामिल, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू प्रदान करेंगे नियुक्ति पत्र
रायपुर, 18 सितंबर (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले से जुड़ेंगे। इस अवसर पर वे देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नव नियुक्त 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे तथा चयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करेंगे।
रायपुर में 20वें रोजगार मेले का आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार, विज्ञान महाविद्यालय परिसर, जी.ई. रोड में किया जाएगा। कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे।
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से 125 अभ्यर्थी प्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे। इनमें आयकर विभाग, डाक विभाग, रेलवे, भारतीय सर्वेक्षण विभाग, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, गृह मंत्रालय, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र तथा एम्स रायपुर से संबंधित नव नियुक्त अभ्यर्थी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त इन्हीं विभागों से करीब 90 अन्य अभ्यर्थी भी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि तोखन साहू मंच से लगभग 25 नव नियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इसके बाद अन्य अभ्यर्थियों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
मुख्य आयकर आयुक्त, रायपुर संजीव, भारतीय राजस्व सेवा ने तोखन साहू को कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् के गायन से होगी। इसके बाद स्वागत संबोधन तथा मुख्य अतिथि का संबोधन होगा।
दोपहर 12:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। रोजगार मेले पर आधारित लघु फिल्म के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री रिमोट बटन के माध्यम से रोजगार मेले का शुभारंभ करेंगे और नव नियुक्त युवाओं को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री के ऑनलाइन कार्यक्रम के बाद तोखन साहू चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।
20वें रोजगार मेले का आयोजन देशभर में 45 स्थानों पर किया जा रहा है। इसके माध्यम से राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा मंत्रालय सहित भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।
20वें रोजगार मेले के साथ विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में लगभग 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके होंगे। रोजगार मेला युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें सरकारी सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है।
यह पहल युवाओं की सरकारी सेवाओं में भागीदारी बढ़ाने और उन्हें देश की विकास यात्रा से जोड़ने के लिए सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
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(मुंबई)चौक-कर्जत रेल खंड के दोहरीकरण को मंजूरी, 497 करोड़ रुपये होंगे खर्च
0-10.86 किलोमीटर लंबे खंड के दोहरीकरण से बढ़ेगी रेल क्षमता, पांच अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलने की उम्मीद
मुंबई, 18 सितंबर (आरएनएस)। महाराष्ट्र में रेल क्षमता बढ़ाने और रेल परिचालन को बेहतर बनाने की दिशा में रेलवे ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे ने मध्य रेलवे के चौक-कर्जत रेल खंड के 10.86 किलोमीटर लंबे हिस्से के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 497 करोड़ रुपये की लागत आएगी। परियोजना को रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए दोहरीकरण, तिहरीकरण, चौगुनीकरण, उपरिगामी पुल और बाईपास निर्माण से संबंधित कार्यों के तहत स्वीकृति दी गई है।
चौक-कर्जत रेल खंड पनवेल-चौक-कर्जत मार्ग का हिस्सा है। यह मार्ग यात्री और माल ढुलाई, दोनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण रेल गलियारा है। वर्तमान में इस खंड पर एकल रेल लाइन होने के कारण ट्रेनों के परिचालन की क्षमता सीमित है। दोहरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद इस मार्ग पर अतिरिक्त रेल क्षमता उपलब्ध होगी और यात्री तथा मालगाड़ियों की आवाजाही अधिक सुचारु हो सकेगी।
परियोजना पूरी होने के बाद चौक-कर्जत खंड पर दोनों दिशाओं में प्रतिदिन पांच अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन की उम्मीद है। इससे इस मार्ग पर यात्रियों को बेहतर रेल सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा परियोजना से प्रतिवर्ष 1.835 करोड़ टन अर्थात 18.35 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होने की उम्मीद है। रेल लाइन की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों के परिचालन में भी सुधार होगा और उनके विलंब को कम करने में मदद मिलेगी।
चौक-कर्जत रेल खंड का दोहरीकरण भारतीय रेलवे की रेल अवसंरचना को मजबूत करने और बढ़ती यात्री एवं माल ढुलाई आवश्यकताओं के अनुरूप रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के पूरा होने से इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यात्री और माल परिवहन दोनों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
रेलवे द्वारा क्षमता विस्तार से जुड़े इन कार्यों पर लगातार जोर दिया जा रहा है, ताकि बढ़ती परिवहन जरूरतों को पूरा करने के साथ रेल परिचालन को अधिक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके।
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(हरिद्वार)निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर जान दी
हरिद्वार ,18 सितंबर (आरएनएस)। निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने शुक्रवार को हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। नगर कोतवाली क्षेत्र के भूपतवाला में लालमाता मंदिर के सामने चाय के खोखे में उसका शव फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस प्रथमदृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है। मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली पुत्र शंकु राम निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ समय से हरिद्वार में रह रहा था। जानकारी के मुताबिक वह अपनी पहचान छिपाकर यहां सदाराम नाम से रह रहा था।
आसपास के लोगों को भी उसने अपना नाम सदाराम बताया था। हालांकि उसकी जेब से असली आधार कार्ड और वोटर कार्ड मिले हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुरेंद्र कोली ने चार दिन पहले अनिल शर्मा नाम के युवक से लालमाता मंदिर के सामने चाय का खोखा किराये पर लिया था। इसके लिए उसने छह महीने का किराया एडवांस दिया था। खोखे का मासिक किराया करीब 12 हजार रुपये बताया जा रहा है। वह इसी खोखे में रहता भी था और चाय बेचता था। इससे पहले वह पथरी क्षेत्र के मुस्तफाबाद में भी कुछ दिन रहा था। पुलिस के अनुसार इन दिनों क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी और खोखे को भी हटाया जाना था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि इससे वह परेशान था। हालांकि पुलिस ने अभी आत्महत्या के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि निठारी कांड में नाम आने के बाद सुरेंद्र कोली परिवार से अलग रह रहा था। पुलिस उसके हरिद्वार आने, यहां रहने और पिछले कुछ समय की गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। नगर कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक हरिद्वार में रहकर चाय का खोखा चला रहा था। प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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(कोलकाता)नंदीग्राम उपचुनाव से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लिया
0-शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ घंटे बाद लिया फैसला, ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की
कोलकाता ,18 सितंबर (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। यह फैसला नामांकन वापसी की अंतिम तिथि से एक दिन पहले लिया गया। संचिता के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के पास नंदीग्राम में अपना कोई उम्मीदवार नहीं रह गया है।
संचिता प्रधान डे ने यह फैसला राज्य सचिवालय नबन्ना में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और नंदीग्राम के मौजूदा विधायक शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ घंटे बाद लिया। उनकी मुलाकात को पहले शिष्टाचार भेंट बताया गया था, लेकिन इसके बाद नामांकन वापस लिए जाने से राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, संचिता ने सार्वजनिक रूप से अपने फैसले का कारण नहीं बताया है।
संचिता के नामांकन वापस लेने का घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेसÓ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ीÓ चुनाव चिह्न दिया गया है, जबकि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेसÓ नाम और ‘लिफाफाÓ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों गुटों को तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक नाम और ‘फूल और घासÓ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था। आयोग का यह फैसला आगामी उपचुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के बीच आया था।
संचिता प्रधान डे के चुनावी मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनका गुट नंदीग्राम से कोई नया उम्मीदवार नहीं उतारेगा और कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करेगा। उन्होंने इसे विपक्षी गठबंधन के साथ एकजुटता से जोड़ते हुए अपना रुख स्पष्ट किया।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक चुनाव चिह्न के संबंध में लिए गए फैसले पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे गैरकानूनी बताते हुए कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
प्रेस वार्ता में ममता बनर्जी ने भाजपा पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले को लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।
ममता ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम को उन्होंने लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई की जा रही है।
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए संचिता प्रधान डे को ममता बनर्जी गुट ने उम्मीदवार बनाया था। उनके नामांकन वापस लेने के बाद अब ममता गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब चुनाव आयोग के फैसले के बाद तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनावी मैदान में हैं।
नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर को होना है। संचिता के नामांकन वापस लेने से पहले ही सीट पर मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। अब ममता गुट के कांग्रेस को समर्थन देने के फैसले के बाद उपचुनाव का समीकरण एक बार फिर बदल गया है।
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(कठुआ)जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 24 वर्षीय ट्रक चालक गिरफ्तार, आईएसआई को भेज रहा था संवेदनशील फुटेज
कठुआ ,18 सितंबर (आरएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में पुलिस ने पाकिस्तान स्थित अंतर-सेवा खुफिया एजेंसी (आईएसआई) को कथित तौर पर संवेदनशील जानकारी और तस्वीरें उपलब्ध कराने के आरोप में 24 वर्षीय ट्रक चालक अमन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर सैन्य प्रतिष्ठानों की रेकी करने और पाकिस्तान में मौजूद एजेंटों के लिए संवेदनशील फुटेज जुटाने का आरोप है। मामले की जांच जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अमन कथित तौर पर एक ऐसे जाल में फंसा था, जिसके बाद उसने संवेदनशील जानकारी और फुटेज भेजना शुरू किया। उस पर जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों से संबंधित निर्देश पाकिस्तान स्थित एजेंटों से प्राप्त करने का भी आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है।
जांच के दौरान सामने आया है कि अमन ने कथित तौर पर अपने घर के बाहर सीमा के पास स्थित सड़क पर नजर रखने के लिए सिम आधारित निगरानी कैमरा लगाया था। बताया गया है कि कैमरा लगाने के लिए उसे 20 हजार रुपये मिले थे। इस कैमरे से सड़क और आसपास की गतिविधियों की तस्वीरें तथा वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, कैमरे से प्राप्त फुटेज को कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित एजेंसी तक पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी ने अब तक किस तरह की जानकारी और फुटेज उपलब्ध कराई तथा उसके संपर्क किन लोगों से थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमन का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। फोन की फोरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि उसके संपर्कों, संदेशों और अन्य डिजिटल गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, जांच का मुख्य फोकस सैन्य प्रतिष्ठानों की कथित रेकी, संवेदनशील फुटेज की आपूर्ति और पाकिस्तान स्थित एजेंटों के लिए जानकारी तथा तस्वीरें जुटाने के आरोपों पर है।
कठुआ क्षेत्र में पाकिस्तान स्थित एजेंटों और उनके कथित संपर्कों से जुड़े मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। जून 2026 में कठुआ से जुड़े एक कथित पाकिस्तान प्रायोजित हवाला और आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी अपने हाथ में ली थी।
हालिया गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का प्रयास यह पता लगाना है कि आरोपी के कथित संपर्कों का दायरा कितना व्यापक था और क्या उसके माध्यम से किसी अन्य संवेदनशील जानकारी को भी पाकिस्तान स्थित एजेंटों तक पहुंचाया गया।
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(18कैप्शन15)मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह और कुंवर विजय शाह, मेयर जगत बहादुर सिंह और अन्य लोगों के साथ जबलपुर के मालगोदाम चौक पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की शहादत दिवस पर उनकी प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

(18कैप्शन16)आर्मी स्टाफ़ के प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रूस के मॉस्को में रूसी फ़ेडरेशन के रक्षा मंत्रालय की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान रूस के उप रक्षा मंत्री जनरल यूनुस-बेक येवकुरोव से मिले।

(18कैप्शन17)उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय लखनऊ, उत्तर प्रदेश में पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ।

(18कैप्शन18)भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पंजाब के पठानकोट ज़िले के माधोपुर में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ की शुरुआत के दौरान नशीली दवाओं के दुरुपयोग से प्रभावित पीड़ितों और उनके परिवारों से बातचीत करते हुए।

(18कैप्शन19)हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले में कुल्लू-मनाली के ऊंचे इलाकों में ताज़ा बफ़र्बारी के बाद, सुबह की धूप में बफ़र् से ढके पहाड़ चमक रहे हैं।

(18कैप्शन20)उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ में केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की.

(22रायपुर-रायगढ़कैप्शन21) मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के रायगढ़ आगमन पर हेलीपेड में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, महापौर जीवर्धन चौहान, गुरूपाल भल्ला, सुभाष पाण्डेय, जगन्नाथ पाणिग्राही, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

(22रायपुर-रायगढ़कैप्शन22) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026Ó का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

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