कंपनियों के लिए नई चुनौती

कंपनियों के लिए नई चुनौती
रूटो की आम छवि अमेरिका समर्थक की है, लेकिन हाल में उन्होंने चीन से संबंध मजबूत किए हैं। चीन का पहलू अफ्रीका में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए नई चुनौती बन कर उभरा है।
बढ़ते राजनीतिक विरोध की चुनौती झेल रहे केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो का भारतीय कंपनी- टाटा केमिकल्स मगाडी को देश से निकालने का फैसला विवादास्पद है। समझा जाता है कि केन्या में विदेशी निवेशकों के प्रति फैल रही भावना को शांत करने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। बहरहाल, यह निर्णय टाटा ग्रुप की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए तगड़ा झटका है। इससे विदेशों में निवेश कर रही हर भारतीय कंपनी को उचित सबक लेना चाहिए। केन्या के स्थानीय समुदायों में टाटा कंपनी के खिलाफ लंबे समय से असंतोष पनप रहा था। शिकायत थी कि लेक मगाडी के समृद्ध सोडा ऐश संसाधनों का इस्तेमाल तो खूब हुआ, लेकिन बुनियादी ढांचे या रोजगार के रूप में उस क्षेत्र को कोई लाभ नहीं हुआ। अब रूटो ने वादा किया है कि वे वहां ऐसी विदेशी कंपनी को ठेका देंगे, तो स्थानीय विकास के लिए भी निवेश करे।
चर्चा है कि ये ठेके चीनी कंपनियों को दिए जाएंगे। रूटो की आम छवि अमेरिका समर्थक नेता की है, लेकिन हाल में उन्होंने चीन से संबंध मजबूत किए हैं। चीन का पहलू अफ्रीका में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियों के लिए नई चुनौती बन कर उभरा है। जिस ढंग से टाटा कंपनी को निकालने का फैसला हुआ, वैसे कदमों से सामान्यत: सभी विदेशी निवेशकों में नकारात्मक प्रतिक्रिया होती है। लेकिन चीनी कंपनियां अक्सर जोखिम उठाते हुए ऐसे हालात का लाभ उठाने की कोशिश करती हैं।
साथ ही इस घटना ने उजागर किया है कि अफ्रीका में आई नई जन चेतना के बीच वहां कार्यरत बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए केवल कानून का पालन ही काफी नहीं रह गया है। बल्कि अब चुनौती स्थानीय समुदायों को संतुष्ट रखते हुए अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की है। इस सिलसिले में पर्यावरण संरक्षण एक महत्त्वपूर्ण मुद्दा बन कर उभरा है। गुजरे डेढ़ दशक में अडानी ग्रुप, रिलायंस, जीएमआर, जिंदल, एस्सार आदि जैसी भारतीय कंपनियों को या तो कुछ देशों से निकाला गया है, या वहां उनके साथ हुए करार बाद में रद्द कर दिए गए। ऐसी घटनाओं से देश की छवि बिगड़ती है। भारतीय कंपनियों को इस बात ख्याल रखना चाहिए।
००

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *