फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग

फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग
जौनपुर । पूर्वांचल विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में शुक्रवार को विश्व फार्मासिस्ट दिवस मनाया गया। इस वर्ष की थीम इंपावरिंग फार्मासिस्ट फार ए हेल्थियर फ्यूचर अर्थात “स्वस्थ भविष्य के लिए फार्मासिस्टों को सशक्त बनाना” को केंद्र में रखते हुए विभाग में विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकतापरक कार्यक्रम आयोजित किए गए।  इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता, पोस्टर प्रस्तुति तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें फार्मेसी विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र सिंह ने कहा कि फार्मासिस्ट स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने दवाओं के तर्कसंगत एवं उचित उपयोग  पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मरीजों को दवाओं की सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से सेवन के संबंध में उचित परामर्श देना फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।  कहा कि फार्मेसी के छात्रों को अपने ज्ञान और व्यावसायिक कौशल का उपयोग समाज के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। उन्होंने एंटीबायोटिक प्रतिरोध  के बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का अनावश्यक एवं गलत उपयोग भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है।  डॉ. सुरेंद्र कुमार सिंह, डॉ. झांसी मिश्रा, डॉ. सुरेंद्र कुमार गौतम, अभिषेक कुमार यादव,  शक्ति जायसवाल , हेमन्त दूबे एवं प्रशांत यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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